
राजस्थान के कई शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक हो गई है। राजधानी जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा और भिवाड़ी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। कोटा में AQI 302, जयपुर में 259, भिवाड़ी में 246, भिवाड़ी में 359, श्रीगंगानगर में 256 और भरतपुर में 210 दर्ज किया गया। बढ़ते प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्थमा, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी रोगों के मामलों में वृद्धि देखी गई है।
सीकर में प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में दिक्कत
सीकर में वायु प्रदूषण के चलते कई लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। शांति नगर औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के कारण करीब 100 लोगों ने सांस लेने में कठिनाई जताई। कई लोग एसके हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। कुछ लोगों को इसके बाद भी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। फिलहाल, प्रदूषण के कारणों का सटीक पता नहीं चल पाया है, लेकिन हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं।
दिल्ली-NCR में भी AQI गंभीर स्तर पर
दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। रविवार, 23 नवंबर को दिल्ली में AQI 380 तक पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। नोएडा में AQI 396 दर्ज किया गया, जो गंभीर स्तर के करीब है, जबकि ग्रेटर नोएडा में 380 रिकॉर्ड किया गया। गाजियाबाद की स्थिति सबसे चिंताजनक रही, जहां AQI 426 दर्ज किया गया, जो सीधे तौर पर 'गंभीर' श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे आवश्यक होने तक बाहर न निकलें और मास्क का उपयोग करें।














