
बारां जिले की साइबर थाना पुलिस ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो टोंक जिले के बनेठा इलाके का निवासी है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
लोन दिलाने के नाम पर लोगों को बनाया निशाना
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय चेतराम मीणा पुत्र रामसहाय के रूप में हुई है। यह युवक अपने साथी गोविंद मीणा के साथ मिलकर भोले-भाले ग्रामीणों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन दिलाने का लालच देकर ठगता था।
मामला तब सामने आया जब 22 सितंबर को बारां के किशनगंज थाना क्षेत्र के सोडाना निवासी रितेश नागर ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि गोविंद मीणा और उसका साला चेतराम उसके घर आए और कहा कि वे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन दिला सकते हैं। उन्होंने आधार कार्ड मांगा और वेरिफिकेशन के बहाने पीड़ित व उसके भाई के बैंक खाते खुलवाकर एटीएम कार्ड व मोबाइल सिम भी ले गए।
खाते से उड़ाए लाखों रुपये
कुछ दिनों बाद जब खाते में कोई लोन राशि नहीं आई तो पीड़ित ने बैंक जाकर जानकारी ली। जांच में सामने आया कि उसके भाई के खाते में 3 लाख रुपये से अधिक की रकम जमा हुई थी, जिसे 26 से 27 अगस्त के बीच जयपुर से कई किश्तों में निकाल लिया गया था। बैंक अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह राशि साइबर ठगी से जुड़ी हुई है।
आरोपियों ने इलाके के कई अन्य किसानों और गरीब लोगों के नाम पर भी खाते खुलवाए थे। वे सभी को सरकारी लोन दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करते और फिर उन्हीं खातों का उपयोग धोखाधड़ी के लिए करते थे।
जेल में बंद था आरोपी, प्रोडक्शन वारंट पर हुई गिरफ्तारी
साइबर क्राइम थाना प्रभारी अशोक चौधरी ने शिकायत के बाद जांच शुरू की और टीम गठित की। जांच में पता चला कि चेतराम मीणा पहले से ही किसी अन्य मामले में टोंक जेल में बंद है। पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट के तहत गिरफ्तार किया और अब उससे पूछताछ की जा रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने अब तक कई लोगों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी की है। टीम उसके अन्य साथियों की पहचान और पूरे गिरोह की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हुई है।
पुलिस की चेतावनी — सतर्क रहें, किसी को भी दस्तावेज न दें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को सरकारी योजना के नाम पर अपने दस्तावेज या बैंक डिटेल न दें। ऐसे मामलों में सीधे सरकारी कार्यालय या मान्यता प्राप्त बैंक शाखा से ही संपर्क करें।














