
राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में इस समय सर्दी अपने चरम पर है। बीती रात तापमान जमाव बिंदु (0 डिग्री) तक पहुँच गया, जिसके बाद सुबह होते ही पूरे क्षेत्र में ठिठुरन भरी ठंड का अनुभव हुआ। आमतौर पर दिसंबर–जनवरी में यहां तापमान जमाव बिंदु के आसपास रहता है, लेकिन इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में इतनी तीखी ठंड ने सभी को हैरान कर दिया। शून्य डिग्री पर पहुंचते ही ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गईं और माउंट आबू ने पर्यटकों को सर्द सुबह का अनोखा नज़ारा दिखाया।
रात के तापमान में तेज गिरावट
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तरी भारत से आ रही ठंडी हवाएँ और साफ़ आसमान के कारण रात के तापमान में तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में तापमान और नीचे जाने की संभावना है। बढ़ती ठंड के कारण बाज़ारों में ऊनी कपड़ों की मांग भी तेजी से बढ़ गई है।
पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना
माउंट आबू की पहाड़ियों पर जमी ओस की चमकती परत ने ठंड के मौसम की सुंदरता को और बढ़ा दिया है। होटल और पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि लगातार बढ़ती ठंड पर्यटकों की संख्या में वृद्धि का कारण बन सकती है, क्योंकि लोग इस बर्फीले नज़ारे का अनुभव करने के लिए माउंट आबू की ओर आकर्षित होते हैं।
सूर्योदय से पहले ही टूरिस्ट प्वॉइंट्स पर रौनक
सुबह के समय घास के मैदान, होटलों की खुली टेबलें, पार्कों के झूले, सड़क किनारे पौधों और खड़ी कारों की छतों पर सफेद जमी परत साफ़ दिखाई दी। यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। कई पर्यटक सूर्योदय से पहले ही नक्की झील, गुरुशिखर, हनीमून प्वाइंट और टॉड रॉक जैसे लोकप्रिय स्थलों पर पहुंचकर जमी हुई ओस और बर्फीले नज़ारों को कैमरे में कैद करते दिखे।














