विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। यदि आप इन दिनों बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटू जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले मंदिर के समय से जुड़ी यह जानकारी अवश्य जान लें। श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा जारी सूचना के अनुसार विशेष धार्मिक अनुष्ठान और श्रृंगार कार्यक्रम के चलते मंदिर को निर्धारित अवधि के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद रखा जाएगा। ऐसे में इस दौरान बाबा श्याम के दर्शन अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं होंगे।
मंदिर प्रशासन के अनुसार 18 जून 2026 की रात 10 बजे से मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। यह बंदी लगभग 19 घंटे तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में मंदिर परिसर के भीतर विशेष पूजा-पाठ, तिलक और अलौकिक श्रृंगार की पारंपरिक प्रक्रिया संपन्न की जाएगी, जिसके कारण आम श्रद्धालुओं का प्रवेश और दर्शन व्यवस्था स्थगित रहेगी।
विशेष तिलक और श्रृंगार की परंपरा निभाई जाएगी
खाटू श्याम मंदिर में अमावस्या के बाद बाबा श्याम के विशेष तिलक और श्रृंगार की परंपरा वर्षों से निभाई जाती रही है। इस धार्मिक अनुष्ठान को अत्यंत श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाता है। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है और बाबा श्याम के मस्तक पर चंदन का विशेष तिलक लगाया जाता है।
मंदिर से जुड़े जानकारों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया काफी विस्तृत होती है और इसे पूरा करने में लगभग 8 से 10 घंटे का समय लग जाता है। इस दौरान मंदिर के पुजारी और सेवक धार्मिक नियमों का पालन करते हुए सभी अनुष्ठानों को संपन्न कराते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर को अस्थायी रूप से बंद रखा जाता है।
कब खुलेंगे मंदिर के कपाट?
श्री श्याम मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने मंदिर खुलने के समय की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मंदिर के कपाट 19 जून 2026 को शाम 5 बजे पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद भक्त एक बार फिर बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे और नियमित पूजा-अर्चना में शामिल हो पाएंगे।
मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे मंदिर के बंद और खुलने के समय का विशेष ध्यान रखें। बंदी अवधि के दौरान दर्शन के लिए पहुंचने से उन्हें असुविधा हो सकती है। इसलिए दर्शन की योजना मंदिर खुलने के बाद ही बनाएं।
खाटू श्याम जी कौन हैं?
राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव में स्थित खाटू श्याम जी का मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह मंदिर महाभारत काल के वीर योद्धा बर्बरीक को समर्पित है, जिन्हें आज करोड़ों श्रद्धालु बाबा श्याम के रूप में पूजते हैं। भक्त उन्हें “हारे का सहारा” के नाम से भी जानते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बर्बरीक महाबली भीम के पौत्र थे। महाभारत युद्ध के दौरान जब वे युद्धभूमि में पहुंचे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का वेश धारण कर उनसे उनका शीश दान में मांग लिया। बर्बरीक ने बिना किसी संकोच के अपना शीश भगवान को समर्पित कर दिया।
उनकी इस अद्भुत भक्ति और त्याग से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे श्याम नाम से पूजे जाएंगे और उनके दरबार में आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। यही कारण है कि आज खाटू श्याम मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र
हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु खाटू धाम पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्तों की इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन की कठिनाइयों से राहत मिलती है। इसी वजह से खाटू श्याम मंदिर को कलियुग में आस्था, विश्वास और भक्ति का विशेष धाम माना जाता है।














