
राजस्थान के करौली ज़िले में शुक्रवार सुबह एक भयावह हादसा हो गया। महुआ-हिंडौन मार्ग पर सर्वोदय स्कूल की बस बच्चों को लेकर जा रही थी, तभी सुबह करीब 7:15 बजे वृंदावन रिसॉर्ट के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार में फिसलती बस सड़क किनारे उतर गई और एक पेड़ से टकराकर पलट गई। इस हादसे में लगभग एक दर्जन बच्चे घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस
दुर्घटना के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बस के इमरजेंसी गेट से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गए। थोड़ी ही देर में पुलिस और एंबुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। सभी घायलों को हिंडौन के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी।
हादसे के बाद बढ़ा विवाद
घायल बच्चों के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने हादसे के बाद गंभीर लापरवाही की। बताया गया कि बस संचालक घायल बच्चों को अस्पताल ले जाने के बजाय पहले स्कूल लेकर पहुंच गया। जब यह बात पुलिस को पता चली, तो नई मंडी थाना अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्कूल संचालक को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस ने स्कूल से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचवाया।
परिजनों ने लगाया तेज रफ्तार का आरोप
कई अभिभावकों ने बताया कि सर्वोदय स्कूल की बसें अक्सर तेज रफ्तार में चलती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कई बार शिकायत करने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने ड्राइवरों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर नाराजगी साफ झलक रही है।
जांच में खुला रफ्तार और ओवरलोडिंग का राज
पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि बस तेज रफ्तार में थी और उसमें निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे बैठे हुए थे। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही आदेश दिया गया है कि जिले के सभी निजी स्कूलों की बसों की फिटनेस और ड्राइवरों की योग्यता की जांच की जाए।
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। फुटेज में घायल बच्चों को रोते और स्थानीय लोगों को उन्हें बाहर निकालते देखा जा सकता है। कई बच्चों के सिर और नाक से खून बहता नजर आ रहा है। हालांकि, बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये संवेदनशील तस्वीरें मीडिया में जारी नहीं की गईं।














