जोधपुर। शहर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ जोधपुर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। कमला नेहरू नगर क्षेत्र में निगम की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद 'बासनी ज़ायका', 'अंजली पेट शॉप' सहित कई अन्य दुकानों और व्यावसायिक भवनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
नगर निगम की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों की टीम के पहुंचते ही आसपास के दुकानदारों और भवन संचालकों में हलचल बढ़ गई। कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने संबंधित भवनों के दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की।
फायर सेफ्टी नियमों की अवहेलना पर चला निगम का डंडा
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, शहरभर में व्यावसायिक परिसरों और बहुमंजिला भवनों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा का अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कमला नेहरू नगर क्षेत्र में स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिन्हें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया।
अधिकारियों ने बताया कि जिन भवनों और प्रतिष्ठानों को सीज किया गया, वहां आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं थीं। कई स्थानों पर फायर एक्सटिंग्विशर, वैध फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्ग तथा अन्य जरूरी अग्नि सुरक्षा उपकरणों का अभाव पाया गया।
सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए लिया गया सख्त फैसला
नगर निगम का कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से संबंधित भवनों और दुकानों को सीज करने का निर्णय लिया।
निरीक्षण टीम का मानना है कि यदि किसी भवन में सुरक्षा संबंधी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो वहां आने वाले ग्राहकों, कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। इसी कारण बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
नियमों की पालना के बाद ही मिल सकेगी राहत
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल नियमों की पालना सुनिश्चित करने और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित प्रतिष्ठान सभी आवश्यक फायर सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं कर लेते और संबंधित विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों ने भवन मालिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें और निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करें। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा संबंधी प्रावधान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
शहरभर में जारी रहेगा निरीक्षण और सीलिंग अभियान
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि कमला नेहरू नगर में हुई यह कार्रवाई भविष्य में होने वाली व्यापक जांच का हिस्सा है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक परिसरों और बहुमंजिला भवनों में भी इसी तरह के निरीक्षण किए जाएंगे।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम का यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि शहर में संचालित सभी व्यावसायिक संस्थान सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी संभावित दुर्घटना की आशंका को समय रहते रोका जा सके।
नगर निगम का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि शहरवासियों को एक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यही कारण है कि सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरीक्षण और प्रवर्तन की यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रखी जाएगी।














