जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से चार बच्चों के अचानक लापता होने का मामला आखिरकार सुलझ गया है। शुरुआती तौर पर जिस घटना ने परिवारों और पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी, वह बाद में एक अलग ही वजह से सामने आई। जांच में पता चला कि बच्चे किसी अनहोनी का शिकार नहीं हुए थे, बल्कि भगवान राम के दर्शन करने की इच्छा से घर से निकलकर अयोध्या पहुंच गए थे। बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस प्रशासन ने भी चैन महसूस किया।
यह मामला जयपुर के मुहाना इलाके का है। मंगलवार को ट्यूशन से लौटने के बाद चारों बच्चे दोपहर के समय बिना किसी को जानकारी दिए घर से निकल गए। जब देर शाम तक वे वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। काफी तलाश के बावजूद जब बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने मुहाना थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई।
लापता बच्चों में एक 13 वर्षीय किशोरी, उसकी 9 वर्षीय छोटी बहन, उनकी 11 वर्षीय चचेरी बहन और उसका 8 वर्षीय भाई शामिल थे। एक साथ चार बच्चों के गायब होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज से मिला पहला सुराग
मामले की जांच के लिए मुहाना थाना पुलिस ने कई टीमों का गठन किया। थाना प्रभारी गुरभूपेंद्र के नेतृत्व में पुलिस ने इलाके के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। मालपुरा गेट बस स्टैंड, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के फुटेज की जांच के दौरान बच्चों की गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत मिले।
सीसीटीवी वीडियो में चारों बच्चे एक साथ मालपुरा गेट क्षेत्र की ओर जाते दिखाई दिए। एक फुटेज में वे चूड़ियों की दुकान के पास रुकते नजर आए, जबकि दूसरे वीडियो में वे एक ई-रिक्शा के समीप खड़े दिखाई दिए। इन तस्वीरों ने जांच को नई दिशा दी और पुलिस को उनके संभावित सफर के बारे में अहम जानकारी मिलने लगी।
ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ ने खोले रास्ते
बच्चों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने इलाके में चलने वाले कई ई-रिक्शा चालकों से भी विस्तृत पूछताछ की। इन बातचीतों से बच्चों के आने-जाने के मार्ग और उनकी गतिविधियों से संबंधित कई जानकारियां सामने आईं।
जांच को और चुनौतीपूर्ण इसलिए माना जा रहा था क्योंकि बच्चों के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था। ऐसे में उनकी लोकेशन ट्रैक करना संभव नहीं था। बावजूद इसके पुलिस ने लगातार जमीनी स्तर पर जांच जारी रखी और अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटाते हुए उनके सफर की कड़ियों को जोड़ने में सफलता हासिल की।
राम मंदिर देखने की इच्छा बनी घर छोड़ने की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि चारों बच्चों की लंबे समय से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने और भव्य राम मंदिर देखने की इच्छा थी। इसी धार्मिक उत्साह और जिज्ञासा के चलते उन्होंने बिना किसी को बताए यात्रा पर निकलने का फैसला कर लिया।
बताया गया कि घर से निकलने के बाद बच्चे ट्रेन में सवार हो गए और विभिन्न मार्गों से सफर करते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान वे सुल्तानपुर और कुशीनगर से जुड़े रूटों से होकर गुजरे और अंततः अयोध्या पहुंच गए। परिवार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती रही।
सुरक्षित मिले सभी बच्चे, परिजनों ने ली राहत की सांस
कई घंटों की तलाश और जांच के बाद पुलिस ने अयोध्या में चारों बच्चों का पता लगा लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित, स्वस्थ और सामान्य स्थिति में मिले हैं। किसी भी बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही उनके परिवारों में खुशी का माहौल बन गया। पिछले कई दिनों से चिंता में डूबे परिजनों ने राहत महसूस की और पुलिस की तत्परता की सराहना की।
बच्चों को वापस लाने के लिए रवाना हुई टीम
मुहाना पुलिस ने पुष्टि की है कि बच्चों को सकुशल वापस जयपुर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस की एक विशेष टीम परिजनों के साथ अयोध्या रवाना हो चुकी है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बच्चों को उनके परिवारों के सुपुर्द किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है। साथ ही, बच्चों को बिना जानकारी दिए घर छोड़ने के संभावित खतरों के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित हैं और जल्द ही अपने घर लौट आएंगे।














