
कोटा जिले के इटावा कस्बे में शनिवार सुबह हुए दर्दनाक स्कूल वैन हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक और चिंता में डाल दिया। इस हादसे में दो मासूम छात्राओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वैन चालक समेत कई बच्चे घायल हो गए। हादसे की खबर मिलते ही राजस्थान के शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर तुरंत कोटा के महाराव भीम सिंह (MBS) अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
घायलों के लिए तत्परता से शुरू हुआ इलाज
अस्पताल पहुंचकर मंत्री मदन दिलावर ने सभी घायल बच्चों से मुलाकात की और डॉक्टरों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर उपचार में कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। दिलावर ने कहा — “हमारी प्राथमिकता है कि सभी बच्चों को सर्वोत्तम इलाज मिले। राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।” मंत्री ने बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूरी घटना की गहन जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी को टाला जा सके।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जताया दुख
वहीं, हादसे की जानकारी मिलते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने आधिकारिक ‘X’ अकाउंट पर पोस्ट करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। ओम बिरला के निर्देश पर उनके ओएसडी राजीव दत्ता तत्काल MBS अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और कहा कि जरूरत पड़ने पर किसी भी बच्चे को जयपुर या दिल्ली शिफ्ट करने में देर नहीं की जाएगी। उन्होंने मीडिया से कहा —
“बच्चों के इलाज में कोई समझौता नहीं होगा। सरकार और प्रशासन पूरी तरह तत्पर हैं।”
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, यह हादसा उस वक्त हुआ जब स्कूल वैन का टायर अचानक फट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सामने से आ रही बोलेरो जीप से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में कुल 12 बच्चे घायल हुए, जिनमें से दो छात्राओं की मौत हो गई। बाकी बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से चार बच्चे और वैन चालक अब भी उपचाराधीन हैं, जबकि पांच बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था और राहत कार्य
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल बच्चों को पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से उन्हें MBS अस्पताल रेफर किया गया। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और परिवहन विभाग से स्कूल वाहनों की फिटनेस की जांच की जाए ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
राज्यभर में गूंजा दर्दनाक हादसा
इटावा के इस हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग घटना पर दुख व्यक्त कर रहे हैं और स्कूल बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वैन के तकनीकी कारणों की भी जांच की जा रही है।














