
बूंदी जिले में पुलिस ने एक बड़े हनी ट्रैप मामले का खुलासा करते हुए दो महिला मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। यह गिरोह कोटा के एक इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी को फँसा कर लूटने की साज़िश में शामिल था। पुलिस ने आरोपियों से दो बाइक, लुटा गया सोने का कड़ा और 35 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
व्हाट्सऐप से शुरू हुई बातचीत, जाल में फँसा व्यापारी
सदर थाना प्रभारी रमेश आर्य के अनुसार, कोटा के गुमानपुरा निवासी व्यापारी पुनीत चावला ने शिकायत में बताया कि घटना की शुरुआत 26 अक्टूबर को आए एक अनजान व्हाट्सऐप संदेश से हुई थी। एयर कंडीशनर खरीदने के नाम पर बात शुरू करने वाली महिला 28 अक्टूबर को व्यापारी की दुकान पर आ पहुँची। इसके बाद 29 अक्टूबर से लगातार मैसेज कर उसने खुद को बड़े प्रॉपर्टी डीलर की बेटी बताते हुए व्यापारी को एक भारी-भरकम डील का लालच दिया।
5 नवंबर को महिला ने उसे बूंदी के नानकपुरिया तिराहे पर बुलाया। साइट दिखाने के बहाने उसे एक होटल ले जाया गया, पर वहाँ किसी तरह की कोई डील की बात नहीं हुई। थोड़ी देर बाद महिला ने उसे मंडी गेट छोड़ने का अनुरोध किया। जैसे ही व्यापारी ने गाड़ी रोकी, तभी अचानक तीन लोग—दो पुरुष और एक महिला—अचानक कार में घुस आए।
महिला के साथ होटल में होने का आरोप लगाकर मांगे 10 लाख
सीआई के अनुसार, इन आरोपियों ने व्यापारी को होटल में गलत काम करते हुए पकड़े जाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि मामला रफा-दफा करना है तो 10 लाख रुपये देने होंगे, वरना उस पर झूठा दुष्कर्म मामला दर्ज करा दिया जाएगा।
गिरोह के सदस्यों ने व्यापारी को जबरदस्ती कार की पिछली सीट पर बैठाकर तालेड़ा रोड की तरफ अपहरण कर लिया। आरोपी उसके मोबाइल से उसकी पत्नी को भी धमकी भरा कॉल करते रहे। जब व्यापारी इतनी बड़ी रकम नहीं दे सका, तो आरोपियों ने उसकी बांह में पहना सोने का कड़ा और 35 हजार रुपये छीन लिए और बाद में उसे सथूर के जंगलों में छोड़कर भाग गए। इसके बाद पीड़ित सीधे सदर थाना पहुँचा और मामला दर्ज कराया।
200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
सीआई ने बताया कि एसपी के निर्देशन में गठित टीम ने घटनास्थल, होटल और आसपास के इलाकों से 150–200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। तकनीकी सहायता और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और अंततः 26 वर्षीय लखविंद्र सिंह उर्फ लक्की (गादेगाल निवासी), 22 वर्षीय रौनक पंवार (संजय नगर, कोटा) और दो महिला मास्टरमाइंड को बापर्दा गिरफ्तार कर लिया।
फेक आईडी बनाकर करते थे लोगों को निशाना
जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा गिरोह सोशल मीडिया पर नकली प्रोफाइल बनाकर व्यापारियों और धनाढ्य लोगों को अपने जाल में फँसाता था। पहले दोस्ती, फिर विश्वास और नजदीकी बनाकर, बाद में ब्लैकमेल और मारपीट कर लूटपाट की जाती थी। पुलिस ने बताया कि गैंग में 3–4 महिलाएं और इतने ही पुरुष सक्रिय रूप से शामिल हैं, और पहले भी कई हनी ट्रैप मामलों में इन पर चालान हो चुका है।














