
भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री और मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने एक बार फिर अपने उदार और संवेदनशील स्वभाव से लोगों का दिल जीत लिया है। हाल ही में उन्होंने राजस्थान के सिरोही जिले के टांकरिया क्षेत्र में रहने वाले एक वाल्मीकि परिवार की बेटी की शादी में लाखों रुपये के उपहार भिजवाकर परिवार को आर्थिक सहारा दिया। इस सहयोग ने न केवल शादी की तैयारियों को आसान बनाया, बल्कि जरूरतमंदों के प्रति उनकी मानवीय सोच को भी उजागर किया।
प्रतिनिधि के जरिए परिवार तक पहुंची मदद
हेमा मालिनी की ओर से यह सहायता उनके प्रतिनिधि डॉ. शैतानसिंह भूतेल द्वारा स्वयं सिरोही जाकर परिवार तक पहुंचाई गई। उन्होंने टांकरिया गांव में वाल्मीकि परिवार से मुलाकात की और शादी के लिए भेजे गए उपहार उन्हें सौंपे। यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक करने वाला रहा। गिफ्ट्स प्राप्त करते समय परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने हेमा मालिनी के प्रति दिल से आभार प्रकट किया। आसपास मौजूद लोगों ने भी इस पहल की जमकर सराहना की।
कोरोना काल की मदद को नहीं भूला परिवार
इस अवसर पर परिवार की मां ने भावनाओं में डूबते हुए अपने जीवन की एक कठिन याद साझा की। उन्होंने बताया कि हेमा मालिनी का यह सहयोग उनके लिए कोई पहली घटना नहीं है। कोरोना महामारी के दौरान उनके बेटे की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और इलाज के लिए परिवार को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। उस समय जब हर रास्ता बंद नजर आ रहा था, तब हेमा मालिनी ने बिना किसी औपचारिकता या प्रचार के उनकी मदद की थी।
मां ने कहा, “उस दौर में हम पूरी तरह टूट चुके थे। इलाज के लिए पैसों की बहुत जरूरत थी और हमारे पास कोई साधन नहीं था। ऐसे समय में हेमा मालिनी जी ने आगे बढ़कर हमारा सहारा बना। आज बेटी की शादी में इतना बड़ा योगदान देकर उन्होंने फिर साबित कर दिया कि वह केवल एक सांसद या अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक बेहद संवेदनशील और नेकदिल इंसान हैं। उनका यह एहसान हम जिंदगी भर याद रखेंगे।”
बेटी की आंखों में दिखा आभार और सम्मान
जिस बेटी की शादी होने जा रही है, वह भी हेमा मालिनी की इस दरियादिली से भावुक हो उठी। उसने कहा कि इस सहयोग ने उसके परिवार को नई मजबूती और आत्मविश्वास दिया है। बेटी ने भावुक स्वर में कहा, “मैम का आशीर्वाद हमारे साथ हमेशा बना रहे। उन्होंने जिस अपनापन और सम्मान के साथ हमारे परिवार की मदद की है, वह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। हम उनके इस स्नेह और सहयोग को कभी नहीं भूल पाएंगे।”
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की मदद समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है। हेमा मालिनी ने अपने इस कदम से यह साबित किया है कि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच मानवीय संबंध केवल भाषणों और घोषणाओं तक सीमित नहीं होने चाहिए। जरूरत के समय जमीन पर उतरकर की गई मदद ही असली सेवा होती है। उनकी यह पहल अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
सिनेमा से राजनीति तक का शानदार सफर
हेमा मालिनी भारतीय सिनेमा की उन दिग्गज अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने दशकों तक पर्दे पर राज किया। ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से मशहूर हेमा मालिनी ने वर्ष 1968 में फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद ‘शोले’, ‘सीता और गीता’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘सत्ते पे सत्ता’ और ‘बागबान’ जैसी सुपरहिट फिल्मों सहित 150 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2000 में उन्हें प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने राजनीति में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता के रूप में वे वर्तमान में उत्तर प्रदेश की मथुरा लोकसभा सीट से सांसद हैं। सांसद के तौर पर वे सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंद वर्ग की सहायता से जुड़े कार्यों में लगातार सक्रिय रहती हैं, जो उन्हें एक जिम्मेदार और संवेदनशील जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित करता है।














