
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बीजेपी विधायक लादूलाल पितलिया एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला जमीन के अतिक्रमण से जुड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक ने उनकी जमीन पर कब्जा कर वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने अर्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप – “हमारी जमीन पर विधायक ने कब्जा किया”
ग्राम बंशीलाल माली ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी निजी जमीन पर विधायक लादूलाल पितलिया ने जबरन निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। बंशीलाल का दावा है कि उन्होंने इस मामले में तहसीलदार से संपर्क किया और भूमि रेकॉर्ड में संशोधन (तरमीम) भी करवाया, लेकिन विधायक ने प्रशासनिक आदेशों को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने विरोध जताया तो विधायक ने पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को वहां से हटा दिया।
कलेक्ट्रेट के बाहर आधी रात को प्रदर्शन
प्रशासन से कोई सुनवाई न होने पर बंशीलाल माली और उनके साथियों ने सोमवार देर रात भीलवाड़ा कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अर्धनग्न होकर नारेबाजी की और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना था कि उनकी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाए और विधायक के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराई जाए।
विधायक लादूलाल पितलिया का जवाब – “जमीन 15 साल पहले खरीदी थी”
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक लादूलाल पितलिया ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा, “मैंने यह जमीन करीब 15 साल पहले नारायण लाल शर्मा पनोतिया से विधिवत खरीदी थी। जिस स्थान पर निर्माण कार्य चल रहा है, वही जमीन मुझे कब्जे में दी गई थी। इसके दस्तावेज भी मेरे पास मौजूद हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी को संदेह है तो वे जांच के लिए तैयार हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ग्रामीणों की नाराजगी और प्रशासन की चुप्पी
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण उन्होंने विरोध का कठोर तरीका अपनाया। वहीं, जिला प्रशासन ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
भीलवाड़ा में यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जब जनप्रतिनिधियों पर ही अतिक्रमण के आरोप लगने लगें, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। फिलहाल, पूरे मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।














