
जयपुर: राजस्थान में भाजपा की सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर राज्यभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलें और सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राजस्थान का हर नागरिक निरोगी, स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सके। इस दिशा में ‘स्वस्थ राजस्थान’ की प्रतिबद्धता के तहत राज्य में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। इसके तहत RUHS (राजस्थान विश्वविद्यालय ऑफ़ हेल्थ साइंसेज) में अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का उद्घाटन किया गया। इस 20 करोड़ रुपये की लागत से बने ब्लॉक में आईसीयू बेड, इमरजेंसी के लिए विशेष बेड, एडवांस्ड वेंटिलेटर सिस्टम, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर और डायलिसिस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
हील इन राजस्थान पॉलिसी-2025 का विमोचन
मुख्यमंत्री ने ‘हील इन राजस्थान पॉलिसी-2025’ का शुभारंभ कर चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य राजस्थान को कम लागत, विश्वसनीय और सुलभ मेडिकल वैल्यू ट्रैवल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। नीति के तहत प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों से लेकर सब सेंटर तक आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 30 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति की बीएमआई, बीपी, शुगर और सामान्य कैंसर आदि की जांच कर उचित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इन शिविरों में आने वाले मरीजों को निशुल्क दवा और जांच की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
हब एवं स्पोक मॉडल का क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत हब एवं स्पोक मॉडल लागू किया जा रहा है, ताकि निशुल्क जांच सेवाओं का लाभ सभी मरीजों तक पहुंचे। इस मॉडल के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में ट्रोपोनिन, कैंसर मार्कर, बायोप्सी, विटामिन, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, हेपेटाइटिस और थायरॉइड जैसी 100 से अधिक जांचें मुफ्त करवाई जाएंगी। राज्य में 42 मदर लैब, 137 हब लैब और 1,333 स्पोक लैब स्थापित की गई हैं। आज 11 मदर लैब और 400 स्पोक लैब का शुभारंभ किया गया। इस मॉडल में सैंपल कलेक्शन से लेकर रिपोर्टिंग तक सभी प्रक्रियाओं का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा और मरीज घर बैठे अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहलें न केवल चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेंगी, बल्कि राज्य के हर नागरिक को आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ेंगी। राजस्थान सरकार की यह प्रतिबद्धता राज्य को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।














