
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घोषणापत्र को “झूठ का पुलिंदा” बताया है। उन्होंने कहा कि NDA के नेताओं ने घोषणापत्र जारी करने के नाम पर जनता के साथ मज़ाक किया है। शुक्रवार (31 अक्तूबर) को पटना में आयोजित कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगियों ने केवल 26 सेकंड में घोषणापत्र जारी कर प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी और बिना किसी सवाल का जवाब दिए वहां से चले गए।
भाजपा नेताओं पर मीडिया से भागने का आरोप
गहलोत ने कहा, “आज NDA ने अपना घोषणा पत्र जारी किया, लेकिन सिर्फ 26 सेकंड में प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त कर दी। पत्रकारों ने खुद कहा कि यह हमारे जीवन की सबसे छोटी और सबसे तेजी से खत्म होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस थी।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “मोदी जी कभी मीडिया से बात नहीं करते, और अब उनके नेता घोषणापत्र लॉन्च करके भी सवालों से भागने लगे हैं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।”
‘पहले 20 साल का रिपोर्ट कार्ड तो दीजिए’
गहलोत ने नीतीश कुमार सरकार से पिछले 20 वर्षों का “काम का रिपोर्ट कार्ड” पेश करने की मांग की। उन्होंने कहा, “जनता को उम्मीद थी कि एनडीए अपने मैनिफेस्टो की शुरुआत यह बताते हुए करेगा कि पिछले दो दशकों में जो वादे किए थे, उनमें से क्या पूरा हुआ और क्या नहीं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। ना कोई रिपोर्ट कार्ड दिया गया, ना कोई जवाबदारी तय की गई — सिर्फ नए वादों की झड़ी लगा दी गई।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अब तक किए गए वादे सिर्फ कागजों में रह गए हैं। “लोगों को दिखाने के लिए बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुआ,” गहलोत ने कहा।
प्रधानमंत्री मोदी से किए पुराने वादों पर सवाल
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके पुराने वादों की याद दिलाते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा था कि बिहार को सवा लाख करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिलेगा। लेकिन अब तक उसका हिसाब कौन देगा?”
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “मोदी जी ने कहा था कि हम गन्ना मिल लगाएंगे, जिससे शक्कर बनेगी और मैं यहां आकर उस शक्कर से चाय पीऊंगा। अब मैं पूछना चाहता हूँ — क्या वो चाय उन्होंने कभी पी?”
‘झूठे वादों का पुलिंदा लेकर जनता के सामने फिर आए NDA’
गहलोत ने कहा कि NDA का यह घोषणापत्र जनता को गुमराह करने का नया प्रयास है। “जब काम और उपलब्धियों का कोई आधार नहीं होता, तब झूठे सपनों की बात की जाती है। यही आज NDA कर रही है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे चुनाव में उन दलों को सबक सिखाएं जो “सिर्फ घोषणाओं से चुनाव जीतना चाहते हैं, न कि विकास से।”
अंत में गहलोत ने कहा, “बिहार की जनता अब समझ चुकी है कि 20 साल की सरकार ने क्या दिया और क्या छिपाया। अब बदलाव का वक्त आ गया है — बिहार को झूठ नहीं, जवाब चाहिए।”














