
जयपुर: अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की जीत के बाद प्रदेश कांग्रेस में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। परिणाम घोषित होते ही प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ता झूम उठे, ढोल-नगाड़ों और पटाखों के साथ जश्न मनाया गया। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी। दोनों ही वरिष्ठ नेताओं ने इस नतीजे को राज्य सरकार के लिए करारा झटका करार दिया और कहा कि सत्ताधारी दल को दूसरे स्थान के लिए भी निर्दलीय से संघर्ष करना पड़ा, जो अपने आप में बड़ा संकेत है।
“सरकार ने हर तरह के हथकंडे अपनाए, फिर भी जनता ने दिया जवाब”— डोटासरा
उपचुनाव के परिणाम सामने आने के बाद डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अंता का दो बार दौरा कर आए, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पूरा समय वहीं कैंप किया। “शक्ति का प्रदर्शन हुआ, पैसा बहाया गया, सरकारी मशीनरी का खुला प्रयोग हुआ, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धैर्य और एकता के साथ मुकाबला किया,” उन्होंने कहा।
डोटासरा का दावा था कि यह नतीजा केवल सीट का नहीं, बल्कि सरकार के भीतर चल रही उथल-पुथल का संकेत भी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अब केवल सीएस ही नहीं बदलेंगे, बड़ी पर्ची भी बदलेगी। आगे कई और बदलावों की आहट सुनाई दे रही है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि भाजपा को जनता ने पांच साल का जनादेश दिया है, तो उन्हें स्थिरता बनाए रखनी चाहिए—but हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि आंतरिक खींचतान कहीं न कहीं सरकार की रीढ़ तोड़ देगी। डोटासरा ने आरोप लगाया कि अंता में मंत्रियों की कोई सुनवाई ही नहीं थी। “इतना बड़ा मंत्रीमंडल कोटा में डेरा डाले रहा और प्रचार खत्म होने के बाद भी वहीं बैठा, जबकि कांग्रेस के नेता वापस आ गए थे। सत्ता का दुरुपयोग हुआ, पैसे बांटे गए… लेकिन जनता ने साफ दिखा दिया कि पर्ची की राजनीति को वह स्वीकार नहीं करती। यह नतीजे साबित करते हैं कि पर्ची सरकार अपनी ही खींचतान में विफल हो चुकी है।”
“जब मुख्यमंत्री खुद लिस्ट बनाएंगे, तो काम कौन करेगा?”— टीकाराम जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उपचुनाव को पूरी सरकार की कार्यप्रणाली का रिपोर्ट कार्ड बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान खुद मुख्यमंत्री अपने हाथ में कागज लेकर योजनाओं की सूची लिख रहे थे। “जब सीएम खुद कामों की लिस्ट तैयार करेंगे, तो बाकी व्यवस्था क्या करेगी? ऐसा लगा मानो उन्होंने पहले ही तय कर रखा हो कि दो साल में कोई नया काम करवाना ही नहीं,” जूली ने टिप्पणी की। उन्होंने यह भी कहा कि अंता में जितने भी प्रोजेक्ट या विकास कार्य रुके हुए मिले, वे सभी कांग्रेस सरकार के दौरान स्वीकृत हुए थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन्हें आगे नहीं बढ़ाया। इसका खामियाजा भाजपा को उपचुनाव में भुगतना पड़ा।
“सरकार परीक्षा में फेल, मंत्री पदों पर संकट की आहट”— जूली का दावा
जूली ने आगे कहा कि यह उपचुनाव जनता की ओर से सरकार को दिया गया सख्त संदेश है। “यह सरकार की परीक्षा थी और इसमें सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कभी भी इस सरकार का ‘मोर’ बोल सकता है,” उन्होंने कहा। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान राजनीतिक हालात बिगड़ते देख कई मंत्रियों से इस्तीफे भी मांगे जा चुके हैं। “जनता अब और बहाने नहीं सुनना चाहती। अंता के नतीजे साफ बताते हैं कि जनता ने सरकार को पीली पर्ची थमा दी है,” जूली ने कहा।














