
बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ी राजनीतिक राहत मिली है। पार्टी के बागी उम्मीदवारों ने एकजुटता दिखाते हुए नामांकन वापस ले लिया है और आधिकारिक प्रत्याशी मोरपाल सुमन के समर्थन का ऐलान किया है।
भाजपा समर्थक बने बागी उम्मीदवार
पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल और संतोष बाई सुमन ने सोमवार को अपना नामांकन वापस लेकर मोरपाल सुमन को समर्थन देने की घोषणा की। इसके बाद सांसद कार्यालय में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार ने दोनों नेताओं का पार्टी दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया और उन्हें पुनः भाजपा परिवार का हिस्सा बताया। इस कदम से पार्टी की अंदरूनी कलह पर विराम लग गया है और भाजपा अब पूरी एकजुटता के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है।
पार्टी ने की पूरी तैयारी, बूथ स्तर तक सशक्त संगठन
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पार्टी ने उपचुनाव की हर रणनीति को बारीकी से तैयार किया है। उन्होंने बताया कि “प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक संगठन की निगरानी और संवाद व्यवस्था मजबूत की गई है। हर कार्यकर्ता को अपनी भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से सौंप दी गई है।”
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का पलटवार
मदन राठौड़ ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जनता यह भली-भांति जानती है कि कौन विकास के लिए काम करता है और कौन केवल बयानबाज़ी में समय बर्बाद करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ़ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को कायम रखना है।
कैबिनेट विस्तार को लेकर दिए संकेत
राजनीतिक गलियारों में चल रही कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं पर भी प्रदेशाध्यक्ष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “मंत्रिमंडल में फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। आवश्यकता महसूस होने पर सही समय पर निर्णय लिया जाएगा।”
दिल्ली दौरे को लेकर भी दिया बयान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात पर राठौड़ ने कहा कि यह सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें प्रदेश से जुड़े विकास कार्यों और राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा होती है।














