
राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के खेड़ली बहादुर गांव में आयोजित ट्रेड फेयर के दौरान एक मामूली बात ने भयावह रूप ले लिया। मोमोज खाने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतनी तेजी से बढ़ा कि देखते ही देखते दो गुट आपस में भिड़ गए। इस झगड़े में एक युवक वकार की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त बशीर गंभीर रूप से घायल है। वकार की मौत ने पूरे इलाके को दहशत और आक्रोश में डाल दिया है।
महिलाओं से छेड़छाड़ के बाद भड़का विवाद
पुलिस के अनुसार, पास के रामबास गांव के कुछ युवक मेले में घूमने आए थे। वहां कुछ युवकों द्वारा महिलाओं से अभद्र व्यवहार किए जाने के बाद माहौल बिगड़ गया। स्थिति को शांत करने की कोशिश की जा रही थी, तभी मोमोज की दुकान के पास दो गुटों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात हाथापाई में बदल गई।
इसी बीच वकार अपने दोस्त बशीर को बचाने के लिए बीच में आया, लेकिन हमलावरों ने उसके सीने में बर्फ तोड़ने वाला सुआ घोंप दिया। वार इतना गहरा था कि वकार वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना के बाद घायल वकार को तत्काल गोविंदगढ़ सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, बशीर की हालत नाजुक बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर राजीव गांधी सामान्य अस्पताल, अलवर की मोर्चरी में रखवाया है। हालांकि, वकार के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और न्याय की मांग करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
मेव समाज का गुस्सा — कहा, यह मोब लिंचिंग है
घटना के बाद मेव समाज में जबरदस्त रोष है। समाज के प्रतिनिधियों ने इस वारदात को साधारण झगड़ा नहीं बल्कि सामूहिक हिंसा (मोब लिंचिंग) करार दिया है।
मेव पंचायत के सदर शेर मोहम्मद ने कहा कि, “वकार को केवल इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मेव समाज से था।” उन्होंने दावा किया कि हमलावरों की संख्या 15 से अधिक थी।
समाज के लोगों ने अस्पताल परिसर में धरना दिया और आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच
पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
इलाके की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और मेव समाज के नेताओं से वार्ता कर स्थिति शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।
घरवालों को नहीं थी भनक
वकार जालूकी कॉलेज में सेकंड ईयर का छात्र था। वह बुधवार को दोस्तों के साथ मेला देखने गया था, लेकिन उसने घरवालों को इस बारे में नहीं बताया था। परिजनों को जब उसकी मौत की खबर मिली, तो घर में कोहराम मच गया।
इस दर्दनाक घटना ने खेड़ली बहादुर और आसपास के गांवों को सदमे में डाल दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह विवाद अचानक भड़का या इसके पीछे कोई पहले से रचा गया षड्यंत्र था।














