पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। लोहागढ़ किले की करीब 400 फीट गहरी खाई में गिरकर हुई केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक दुखद हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच ने पूरी कहानी को एक अलग ही दिशा दे दी। अब इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों ने कबूल किया है कि यह कोई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में सिया गोयल ने बताया कि वह केतन से विवाह नहीं करना चाहती थी। उसके अनुसार, शादी होने के बाद उसका और चेतन चौधरी का रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाता। इसी कारण दोनों ने मिलकर केतन को अपने रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि इसी साजिश के तहत लोहागढ़ किले की यात्रा के दौरान केतन को खाई में धक्का दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
तीन साल पुराने रिश्ते ने बदली जिंदगी की दिशा
रिपोर्ट्स के अनुसार, सिया और चेतन लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों के बीच करीबी संबंध थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले लगभग तीन वर्षों से दोनों लगातार बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने भविष्य को लेकर योजनाएं भी बनाई थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि केतन और सिया की तय शादी उनके रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा बन रही थी, जिसके चलते कथित तौर पर यह खौफनाक योजना तैयार की गई।
केतन अग्रवाल एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनकी उम्र महज 26 वर्ष थी और परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं। बताया जाता है कि उनके चचेरे मामा नरेंद्र मित्तल ने दूर की रिश्तेदारी में सिया गोयल का रिश्ता तय कराया था। परिवार की सहमति से दोनों की सगाई हुई और धीरे-धीरे उनके बीच मेलजोल भी बढ़ने लगा। केतन अपने भविष्य को लेकर उत्साहित थे और सिया के साथ समय बिताना उन्हें पसंद था। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो और तस्वीरों में भी वह खुश दिखाई देते थे।
सगाई के बाद दोनों अक्सर साथ घूमने जाते थे। ट्रैकिंग और पर्यटन स्थलों की यात्रा करना उनकी पसंदीदा गतिविधियों में शामिल था। इसी क्रम में वे पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर भी पहुंचे थे। परिवार और परिचितों को लगा कि यह एक सामान्य घूमने-फिरने की यात्रा है, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यही यात्रा केतन के जीवन की आखिरी यात्रा साबित होगी। पुलिस के अनुसार, किले पर पहुंचने के बाद मौके का फायदा उठाकर केतन को गहरी खाई में धक्का दिया गया और बाद में पूरी घटना को दुर्घटना की तरह प्रस्तुत करने की कोशिश की गई।
शादी बनी बाधा, रास्ते से हटाने की रची गई योजना
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि यदि सिया की शादी केतन से हो जाती, तो चेतन के साथ उसके संबंधों का भविष्य समाप्त हो जाता। इसी कारण उन्होंने पहले से योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम देने का फैसला किया। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले और बाद में दोनों के बीच लगातार बातचीत हुई थी, जिसके तकनीकी प्रमाण पुलिस के हाथ लगे हैं।
फरवरी में हुई थी धूमधाम से सगाई
इसी वर्ष फरवरी माह में केतन और सिया की सगाई बड़े धूमधाम से संपन्न हुई थी। परिवार के लोग इस रिश्ते से खुश थे और विवाह की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, केतन कई बार सिया को लेकर अपने परिवार से सवाल भी किया करते थे। वह अपने पिता विशाल अग्रवाल से पूछते थे कि क्या सिया और उसके परिवार के बारे में पूरी जानकारी ली गई है। लेकिन चूंकि रिश्ता रिश्तेदारी के माध्यम से तय हुआ था, इसलिए परिवार को किसी तरह का विशेष संदेह नहीं हुआ।
सोशल मीडिया पर जताया प्यार, किसी को नहीं हुआ शक
घटना के बाद सिया का व्यवहार भी ऐसा था कि किसी को उस पर शक नहीं हुआ। केतन की मौत के बाद उसने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा की और अपने दुख का सार्वजनिक रूप से इजहार किया। इंस्टाग्राम स्टोरी में उसने लिखा था कि वह केतन से बेहद प्यार करती थी और उसके अचानक चले जाने से टूट गई है। उसकी इन पोस्टों और सार्वजनिक प्रतिक्रिया को देखकर परिवार समेत अधिकांश लोगों ने इसे एक दर्दनाक हादसा ही माना।
बहन के सवालों ने खोल दी साजिश की पहली परत
हालांकि कहानी में मोड़ तब आया जब अंतिम संस्कार के बाद सिया केतन के घर पहुंची। वहां केतन की बहन ने उससे घटना से जुड़े कई सवाल पूछे। बातचीत के दौरान सिया के जवाबों में कई विरोधाभास दिखाई दिए। कुछ बातें ऐसी थीं, जिनसे परिवार को संदेह होने लगा कि घटना के पीछे कोई और सच्चाई छिपी हो सकती है। केतन की बहन ने अपनी शंकाएं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा कीं, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से संपर्क किया गया।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तकनीकी जांच शुरू की। सिया के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की गई। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी। पुलिस को पता चला कि घटना से पहले और बाद में सिया और चेतन लगातार संपर्क में थे। इसके अलावा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने भी दोनों पर संदेह को मजबूत किया।
पूछताछ में टूटे दोनों आरोपी, कबूल किया जुर्म
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध सबूतों और तकनीकी जानकारियों के आधार पर पूछताछ के दौरान दोनों के बयान टूटने लगे और आखिरकार उन्होंने कथित रूप से अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई थी, इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है तथा वारदात को अंजाम देने के लिए किन-किन तैयारियों को अंजाम दिया गया था।
फिलहाल यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ऐसा रिश्ता, जिसे परिवार खुशियों की शुरुआत मान रहा था, वह कथित तौर पर प्रेम संबंधों, धोखे और साजिश की कहानी में बदल गया। पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस हत्याकांड से जुड़े और भी अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।













