नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में नए कयासों का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है और उन्हें केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
देवेंद्र फडणवीस को लेकर क्या बोले संजय राउत?
संजय राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें लगता है कि धर्मेंद्र प्रधान की जगह देवेंद्र फडणवीस को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई दिनों से देशभर में जिस तरह का व्यापक आंदोलन चला, उसका असर अब साफ दिखाई दे रहा है। राउत के मुताबिक दिल्ली के साथ-साथ लखनऊ, पटना, कोलकाता और कई अन्य शहरों में युवाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं ने लाठीचार्ज जैसी परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटे। उनके अनुसार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही आंदोलन की सबसे बड़ी मांग थी, जो अब पूरी हुई है।
Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, "I think Devendra Fadnavis may replace Dharmendra Pradhan." pic.twitter.com/UIZmKEyGpe
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
'12 साल बाद लोकतंत्र को मिली ऑक्सीजन'
संजय राउत ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से देश का लोकतंत्र मानो आईसीयू में था, लेकिन अब उसे ऑक्सीजन और नई सांस मिली है। उन्होंने कहा कि जनता के लोकतांत्रिक संघर्ष ने यह साबित कर दिया है कि संगठित जनदबाव के जरिए सरकारों को फैसले बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उनके अनुसार यह केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का संकेत भी है।
मुंबई में अब 'लोकतंत्र जीवित है' रैली निकालने की तैयारी
राउत ने बताया कि मुंबई में प्रस्तावित रैली पहले जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे युवाओं के समर्थन के लिए निकाली जानी थी। लेकिन अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इस रैली को नया स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब यह मार्च 'लोकतंत्र जीवित है' संदेश के साथ निकाला जाएगा, ताकि यह बताया जा सके कि लोकतांत्रिक संघर्ष और जनआंदोलन आज भी प्रभावी हैं।
मोहन भागवत को लेकर भी दिया था बयान
इससे पहले संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि छात्रों से संवाद की बात करने के बजाय मोहन भागवत को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित कराने की पहल करनी चाहिए। राउत ने यह भी कहा था कि यदि वह ऐसा नहीं कर पाते, तो उन्हें नागपुर लौटने का नैतिक अधिकार नहीं होगा।
जंतर-मंतर पहुंचे थे उद्धव ठाकरे
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी मंगलवार, 21 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के प्रति समर्थन जताते हुए कहा था कि इस आंदोलन की चिंगारी बुझने नहीं दी जाएगी। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि केवल एक मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत है।













