पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। तथावड़े इलाके में स्थित जीजी इंटरनेशनल स्कूल के पीछे एक मकान में एक महिला और उसके दो बच्चों के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि महिला ने पहले अपने बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया और बाद में खुद भी जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही वाकड पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए वाईसीएम अस्पताल भेज दिया।
आर्थिक तंगी बनी वजह? पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
indiatv की रिपोर्ट के अनुसार, मृत महिला का पति छत्रपति संभाजीनगर में रहता है। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि आर्थिक परेशानियों से जूझ रही महिला ने यह भयावह कदम उठाया हो। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय कल्पना बिपिन सूर्यवंशी, उनकी 17 वर्षीय बेटी शुभश्री बिपिन सूर्यवंशी और 10 वर्षीय बेटे दादू बिपिन सूर्यवंशी के रूप में हुई है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि महिला ने पहले अपने दोनों बच्चों को भोजन के जरिए कोई जहरीला पदार्थ दिया होगा और बाद में स्वयं भी उसका सेवन कर लिया होगा। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, विसरा जांच के लिए सुरक्षित
तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने सभी के विसरा नमूने सुरक्षित रखे हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतें जहर सेवन से हुई हैं या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
फिलहाल वाकड पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु (एक्सीडेंटल डेथ) का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता। परिवार और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
मुंबई लोकल में मामूली विवाद ने ली युवक की जान
उधर, महाराष्ट्र से ही एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मुंबई की लोकल ट्रेन में हुए विवाद ने एक 21 वर्षीय युवक की जान ले ली। मृतक की पहचान मयंक लोहार के रूप में हुई है। घटना 23 जून की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार उस समय तेज बारिश हो रही थी और ट्रेन के भीतर पानी आ रहा था। इसी दौरान कोच का दरवाजा बंद करने को लेकर मयंक और एक अन्य यात्री के बीच कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बहस धीरे-धीरे बढ़ती चली गई और मामला हिंसक रूप ले बैठा।
गुस्से में आरोपी ने किया चाकू से हमला
पश्चिम रेलवे पुलिस सूत्रों के अनुसार विवाद के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने आरोपी की पिटाई भी कर दी थी। इससे नाराज होकर आरोपी ने अपने बैग से चाकू निकाला और मयंक लोहार पर हमला कर दिया। चाकू लगने से मयंक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी की पहचान 30 वर्षीय रोशन सुवर्ण के रूप में की है। बताया गया है कि दोनों ट्रेन संख्या 90663 के फर्स्ट क्लास डिब्बे में यात्रा कर रहे थे। भारी बारिश के चलते मयंक ने आरोपी से दरवाजा बंद करने के लिए कहा था, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हुई और देखते ही देखते मामला खूनी संघर्ष में बदल गया।
चलती ट्रेन से कूदकर फरार हुआ आरोपी
जांच में सामने आया है कि हमला करने के बाद आरोपी मौके से भागने की फिराक में था। पुलिस के मुताबिक रात 11:04 बजे बोरीवली स्टेशन पहुंचने से पहले ही वह चलती ट्रेन से प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास कूद गया और स्टेशन परिसर से फरार हो गया।
इस दर्दनाक घटना के बाद मयंक का परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों, दोस्तों और रिश्तेदारों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की जांच जारी है।













