मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं लगातार जोर पकड़ रही हैं। इसी बीच सोमवार को एनसीपी के अजित पवार गुट के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में नए कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि, मुलाकात के उद्देश्य या एजेंडे को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
सुप्रिया सुले और बजरंग सोनवणे भी पहुंचे अमित शाह से मिलने
सुनील तटकरे की बैठक के कुछ समय बाद एनसीपी के शरद पवार गुट की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उनके साथ बीड से सांसद बजरंग सोनवणे भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे सुप्रिया सुले की बेटी रेवती के विवाह समारोह के रिसेप्शन का निमंत्रण देने के लिए गृह मंत्री से मिले थे।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अवसर पर अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े कुछ विकास कार्यों और अन्य स्थानीय मुद्दों पर भी अमित शाह के साथ चर्चा की गई। हालांकि, लगातार हो रही इन बैठकों ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।
सूत्रों का दावा- पहले विलय, फिर एनडीए में शामिल होने की रणनीति
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़े पहले एक मंच पर आएं और उसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बनें। सूत्रों का कहना है कि इसी संभावना को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और एनसीपी के दोनों गुटों के बीच विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है।
हालांकि, अब तक न तो भाजपा और न ही एनसीपी के किसी गुट ने इन चर्चाओं या संभावित विलय को लेकर कोई औपचारिक पुष्टि की है। इसलिए फिलहाल इन बैठकों को लेकर केवल राजनीतिक अटकलें ही लगाई जा रही हैं।
पहले भी पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं
इससे पहले भी शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात और दिल्ली में वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल के साथ उनकी बैठक के बाद दोनों गुटों के संभावित एकीकरण की चर्चाओं ने जोर पकड़ा था। उस समय भी राजनीतिक गलियारों में इसे बड़े बदलाव की आहट के रूप में देखा गया था।
हालांकि, प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद शरद पवार ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने और सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े छात्रों की मांगों, किसानों की समस्याओं, जल प्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी। उन्होंने इन बैठकों को किसी राजनीतिक समझौते से जोड़ने की अटकलों को उस समय खारिज किया था।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि एनसीपी के दोनों गुट भविष्य में फिर से एकजुट होते हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। चर्चाएं हैं कि विलय की स्थिति में एकीकृत एनसीपी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा बन सकती है।
वर्तमान समय में एनसीपी का एक धड़ा शरद पवार के नेतृत्व में विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के साथ है, जबकि दूसरा गुट दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एनडीए का हिस्सा है। महाराष्ट्र सरकार में सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री का दायित्व भी संभाल रही हैं। हाल ही में अजित पवार की जयंती के अवसर पर सुप्रिया सुले द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने के बाद भी दोनों गुटों के बीच रिश्तों में नरमी आने की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया था। हालांकि, विलय को लेकर अब तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।













