न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

महाराष्ट्र की चीनी मिलों को बड़ी राहत, 2,000 करोड़ की सॉफ्ट लोन योजना लाने की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार सहकारी चीनी मिलों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सॉफ्ट लोन योजना ला सकती है। मिलों को 7 साल में कर्ज चुकाने की सुविधा मिलेगी।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 03 Sep 2026 1:30:05

महाराष्ट्र की चीनी मिलों को बड़ी राहत, 2,000 करोड़ की सॉफ्ट लोन योजना लाने की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार राज्य की आर्थिक संकट से जूझ रही सहकारी चीनी मिलों को राहत देने के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये की आसान ऋण योजना लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित सॉफ्ट लोन स्कीम का उद्देश्य मिलों की वित्तीय स्थिति को संभालना और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव जल्द राज्य कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पात्र सहकारी चीनी मिलों को कम ब्याज दर पर फंड उपलब्ध कराया जाएगा। इस कर्ज को चुकाने के लिए मिलों को सात साल का समय दिया जाएगा। सरकार की ओर से इस योजना के तहत हर साल करीब 100 करोड़ रुपये के ब्याज का भार उठाए जाने का अनुमान है।

मिलों की क्षमता और वित्तीय स्थिति के आधार पर मिलेगा फंड


सरकार की योजना के मुताबिक ऋण का वितरण सभी मिलों को समान आधार पर नहीं किया जाएगा। प्रत्येक चीनी कारखाने की गन्ना पेराई क्षमता और उसकी आर्थिक स्थिति की समीक्षा के बाद फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके लिए डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक (DCCB) और महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (MSCB) के माध्यम से ऋण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। सरकार को उम्मीद है कि इससे आर्थिक दबाव झेल रही मिलों को तत्काल कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

राज्य की चीनी मिलों पर पिछले पेराई सीजन के गन्ना किसानों का करीब 200 करोड़ रुपये बकाया बताया गया है। ऐसे में प्रस्तावित फंड का इस्तेमाल बकाया भुगतान करने के साथ-साथ आगामी पेराई सीजन की तैयारियों के लिए भी किया जा सकेगा।

किसानों को समय पर भुगतान की चुनौती

सहकारी चीनी मिलों से जुड़े सूत्रों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है। उनके अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में मिलों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित फेयर एंड रेम्यूनरेटिव प्राइस (FRP) के तहत गन्ने की आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर किसानों को भुगतान करना होता है।

दूसरी ओर, घरेलू बाजार में चीनी बेचकर मिलने वाली आय और किसानों को निर्धारित समय में भुगतान करने की बाध्यता के बीच कई बार अंतर पैदा हो जाता है। इस स्थिति में मिलों के सामने कार्यशील पूंजी की कमी की समस्या आती है और इसका असर किसानों के बकाये पर पड़ सकता है।

प्रस्तावित सॉफ्ट लोन योजना इसी वित्तीय दबाव को कम करने की दिशा में एक कदम है।

चीनी से आगे बढ़कर दूसरे उत्पादों पर जोर

महाराष्ट्र सरकार सिर्फ आसान कर्ज तक सीमित नहीं रहना चाहती। चीनी उद्योग की पारंपरिक चीनी उत्पादन पर निर्भरता कम करने के लिए चीनी उप-उत्पादों पर आधारित एक अलग और व्यापक नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुनेत्रा पवार ने उद्योग में मूल्यवर्धित उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। प्रस्तावित रोडमैप में सौर ऊर्जा, को-जनरेशन बिजली, पहली और दूसरी पीढ़ी के एथेनॉल यानी 1G और 2G ethanol, कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG), ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) जैसे क्षेत्रों में उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की बात है।

सुनेत्रा पवार के अनुसार, उप-उत्पादों के क्षेत्र में विविधीकरण से चीनी उद्योग को लंबे समय में अधिक आर्थिक मजबूती मिल सकती है। इससे मिलों के लिए आय के नए स्रोत तैयार होने और गन्ना किसानों को मौसमी कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से कुछ सुरक्षा मिलने की उम्मीद जताई गई है।

गन्ने की खेती और पानी की खपत भी बड़ा मुद्दा

महाराष्ट्र में गन्ने की खेती राज्य की कुल कृषि भूमि के करीब 4 प्रतिशत हिस्से में होती है। हालांकि, संदर्भित जानकारी के मुताबिक यह फसल राज्य के सिंचाई जल का लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक इस्तेमाल करती है। इसी वजह से राज्य में फसल विविधीकरण और ड्रिप सिंचाई को अनिवार्य बनाने जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा होती रही है।

चीनी उत्पादन में अधिकता वाले वर्षों में घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों पर दबाव आ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में किसानों का भुगतान समय पर बनाए रखने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को निर्यात कोटा तथा रियायती ऋण जैसी नीतिगत मदद का सहारा लेना पड़ता है।

एथेनॉल और बायोरिफाइनरी मॉडल पर बढ़ता फोकस

चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए मिलों का रुख अब एकीकृत बायोरिफाइनरी मॉडल की तरफ बढ़ने की बात कही गई है। संदर्भित जानकारी के अनुसार, भारत के एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के तहत बी-हेवी शीरे और सीधे गन्ने के रस से एथेनॉल उत्पादन करने पर सफेद चीनी बेचने की तुलना में अपेक्षाकृत तेजी से नकदी प्रवाह हासिल किया जा सकता है।

गन्ने की पेराई के बाद बचने वाले रेशेदार पदार्थ बैगास का इस्तेमाल भी नवीकरणीय बिजली बनाने में किया जा रहा है। इससे चीनी मिलें अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के अलावा अतिरिक्त बिजली ग्रिड को भी उपलब्ध करा सकती हैं।

इसके साथ ही CBG, ग्रीन हाइड्रोजन और SAF जैसे क्षेत्रों में विस्तार की दिशा में बढ़ने का उद्देश्य चीनी मिलों के पारंपरिक कारोबारी मॉडल को ज्यादा विविध बनाना है। सरकार की प्रस्तावित उप-उत्पाद नीति इसी दिशा में उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

इस तरह 2,000 करोड़ रुपये की प्रस्तावित सॉफ्ट लोन योजना जहां तत्काल वित्तीय दबाव झेल रही सहकारी चीनी मिलों को सहारा देने के लिए है, वहीं उप-उत्पादों पर आधारित नीति के जरिए उद्योग की आय के नए रास्ते विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?