महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए शुरू किए गए मराठी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम की तय समयसीमा 15 अगस्त को समाप्त हो गई। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1,40,423 चालक मराठी दक्षता परीक्षा पास कर चुके हैं, जबकि 7,750 चालक परीक्षा में सफल नहीं हो सके। इसके अलावा 17,427 चालक ऐसे हैं, जिनका प्रशिक्षण निर्धारित समय तक पूरा नहीं हो पाया है।
मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए यह प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया शुरू की थी। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) ने साहित्यिक संगठनों के सहयोग से प्रशिक्षण और परीक्षा का आयोजन किया।
7,750 चालकों को फिर देनी होगी परीक्षा
अधिकारियों के अनुसार, मराठी दक्षता परीक्षा में असफल रहे 7,750 चालकों को सीधे दोबारा परीक्षा देने का मौका नहीं मिलेगा। उन्हें पहले अतिरिक्त प्रशिक्षण पूरा करना होगा। इसके बाद वे फिर से भाषा दक्षता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य चालकों को मराठी भाषा की बुनियादी समझ और संवाद की क्षमता हासिल कराना है। सरकार की ओर से शुरू किए गए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चालकों ने हिस्सा लिया था।
17,427 चालक अभी प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाए
परिवहन विभाग से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, 17,427 चालक अभी प्रशिक्षण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। इन चालकों का प्रशिक्षण 15 अगस्त की निर्धारित समयसीमा तक समाप्त नहीं हो सका।
लंबित प्रशिक्षण के मामले में मुंबई सबसे आगे है। यहां 9,196 चालकों का प्रशिक्षण अभी बाकी है। ठाणे में 4,871, नवी मुंबई में 1,400 और पालघर में 350 चालकों का प्रशिक्षण लंबित है। महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी 1,610 चालक अभी प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाए हैं।
अगले एक-दो सप्ताह में पूरा हो सकता है प्रशिक्षण
अधिकारियों को उम्मीद है कि लंबित प्रशिक्षण सत्र अगले एक से दो सप्ताह में पूरे हो जाएंगे। इसके बाद प्रशिक्षण पूरा करने वाले चालक आगे की प्रमाणन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
वहीं, परीक्षा में असफल हुए चालकों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें मराठी दक्षता परीक्षा दोबारा देनी होगी।
1.65 लाख से ज्यादा आवेदन, 1.40 लाख से अधिक चालक पास
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत कुल 1,65,600 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से अब तक 1,40,423 चालकों ने मराठी दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है।
इस पहल के पीछे राज्य सरकार का उद्देश्य ऑटो और टैक्सी चालकों के बीच मराठी भाषा के बुनियादी ज्ञान को सुनिश्चित करना है। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में ऐसे चालक हैं जो दूसरे राज्यों से आते हैं और स्थानीय भाषा बोलने या समझने में उन्हें कठिनाई हो सकती है।
सरकार के फैसले के तहत ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बुनियादी मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किया गया है। इसी के तहत प्रशिक्षण, परीक्षा और प्रमाणन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।














