पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौहान को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। शुरुआती पूछताछ के दौरान पुलिस को जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार सिया केतन से विवाह नहीं करना चाहती थी। आरोप है कि इसी वजह से उसने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर केतन को लोहागढ़ किले की पहाड़ी से नीचे धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि केतन करीब 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई।
हत्या से पहले दो बार नाकाम रही थी योजना
जांच अधिकारियों के मुताबिक 19 जून की घटना से पहले भी सिया दो बार केतन को रास्ते से हटाने की कोशिश कर चुकी थी, लेकिन दोनों प्रयास सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उसने कथित तौर पर चेतन के साथ मिलकर एक ऐसा प्लान तैयार किया, जो अंततः केतन की मौत का कारण बना। इस पूरे मामले में केतन के पिता विशाल अग्रवाल, मां राखी अग्रवाल और दादा देवी अग्रवाल ने भी कई अहम जानकारियां साझा की हैं। आइए जानते हैं इस सनसनीखेज मामले की पूरी टाइमलाइन।
फरवरी 2026: रिश्ते की शुरुआत
फरवरी 2026 में पुणे में केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई हुई थी। दोनों परिवार इस रिश्ते को लेकर उत्साहित थे और शादी की तैयारियों को लेकर भी चर्चा शुरू हो चुकी थी।
31 मई 2026: पहली बार बना कथित हत्या का प्लान
31 मई को केतन और सिया लोहागढ़ फोर्ट घूमने पहुंचे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इसी दौरान सिया ने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना पर विचार करना शुरू किया। माना जा रहा है कि यहीं से इस पूरी साजिश की नींव रखी गई।
5 जून: फिर लोहागढ़ जाने की जिद
कुछ दिनों बाद सिया एक बार फिर केतन को लोहागढ़ फोर्ट ले जाने की जिद करने लगी। परिवार के कुछ सदस्यों ने इस पर आपत्ति भी जताई, लेकिन सिया लगातार वहां जाने पर जोर देती रही।
6 जून: बाली ट्रिप रद्द होने के पीछे का रहस्य
6 जून को केतन, उसकी बहन, सिया और उसका भाई मुंबई एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए थे। वहां से सभी को बाली जाना था। केतन ने सिया का जन्मदिन और अपनी प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन बाली में मनाने की योजना बनाई थी। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही केतन का पासपोर्ट गायब हो गया।
पुलिस जांच में अब यह दावा किया जा रहा है कि पासपोर्ट सिया ने ही चोरी किया था। आरोप है कि उसने पासपोर्ट को फाड़कर एक होटल के वॉशरूम में फ्लश कर दिया था। पासपोर्ट न मिलने के कारण यात्रा रद्द करनी पड़ी और सभी को वापस घर लौटना पड़ा। इस घटना को भी पुलिस कथित साजिश का हिस्सा मानकर जांच कर रही है।
14 जून: पहली कथित हत्या की कोशिश
14 जून को सिया एक बार फिर केतन को घूमने के बहाने बाहर लेकर गई। जांच में सामने आया है कि इसी दिन उसने कथित तौर पर केतन को धक्का देने की कोशिश की थी। हालांकि, केतन एक पेड़ का सहारा मिलने से बच गया। बाद में सिया ने उससे कहा कि पास में सांप था और उसे बचाने के लिए ही उसने धक्का दिया था। उस समय केतन ने उसकी बात पर विश्वास कर लिया।
18 जून: जन्मदिन के बहाने आखिरी योजना
19 जून को सिया का जन्मदिन था। इसी को आधार बनाकर वह लगातार केतन को लोहागढ़ ले जाने की बात कर रही थी। जब केतन के पिता ने इसके लिए मना किया, तो सिया ने वीडियो कॉल के जरिए उसकी मां से आग्रह किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिवार ने अनुमति दे दी और 18 जून को केतन सिया के साथ निकल गया।
उधर, परिवार ने 19 जून को महाबलेश्वर के एक प्रतिष्ठित रिसॉर्ट में सिया के जन्मदिन समारोह की तैयारी भी कर रखी थी। मेहमानों को निमंत्रण भेजे जा चुके थे और आयोजन की पूरी व्यवस्था लगभग पूरी हो चुकी थी।
चेतन की मौजूदगी भी आई सामने
पुलिस के अनुसार 18 जून को चेतन चौधरी दोपहिया वाहन से लोहागढ़ फोर्ट के नीचे तक पहुंचा था। जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज में वह उस दौरान आसपास दिखाई देता है, जब सिया और केतन किले की ओर चढ़ाई कर रहे थे। फुटेज में वह कभी उनके आगे तो कभी पीछे चलता नजर आया है।
एक खास कोड से दिया गया था संकेत
जांच एजेंसियों के मुताबिक सिया और चेतन ने पहले से एक विशेष संकेत तय कर रखा था। कथित योजना के अनुसार सिया को केतन को किले के सबसे ऊंचे हिस्से तक ले जाना था। जब उसे लगता कि मौका अनुकूल है, तो वह बैठ जाती। यही चेतन के लिए संकेत माना गया था कि अब कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस का दावा है कि इसी योजना के तहत घटना को अंजाम दिया गया।
जन्मदिन के लिए खरीदा गया था हीरे का हार
परिवार के अनुसार 19 जून को सिया का जन्मदिन धूमधाम से मनाने की तैयारी की गई थी। महाबलेश्वर के रिसॉर्ट में कार्यक्रम आयोजित होना था। केतन के दादा ने उसके लिए विशेष उपहार के तौर पर एक हीरे का हार भी खरीदा था। लेकिन जन्मदिन आने से एक दिन पहले ही केतन की मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
शादी की तैयारियां चल रही थीं, अब न्याय की मांग
परिवार का कहना है कि दोनों की शादी के लिए उदयपुर में एक भव्य पैलेस बुक करने की योजना बनाई जा रही थी। रिश्तेदारों और मेहमानों की सूची पर भी काम शुरू हो चुका था। लेकिन अब शादी की तैयारियों की जगह परिवार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।
केतन के परिजन चाहते हैं कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो ताकि जल्द से जल्द दोषियों को सजा मिल सके। दादा देवी अग्रवाल अपने पोते को याद कर भावुक हो जाते हैं, जबकि मां राखी अग्रवाल का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है। परिवार का कहना है कि जिस घर में शादी की खुशियों की तैयारी हो रही थी, वहां अब सिर्फ शोक और इंसाफ की उम्मीद बाकी रह गई है।













