पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया अपराध था। आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर उन्हें लोहागढ़ किले की पहाड़ी से धक्का दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि हत्या से पहले दोनों ने न केवल लगातार संपर्क बनाए रखा, बल्कि इंटरनेट पर हत्या से जुड़े विभिन्न तरीकों की भी जानकारी जुटाई थी।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कई बार ऑनलाइन ऐसे विषयों की खोज की थी, जिनका संबंध किसी व्यक्ति की हत्या करने के तरीकों से था।
जांच में यह भी सामने आया है कि 1 जनवरी से 18 जून के बीच दोनों के बीच 2000 से अधिक फोन कॉल्स हुई थीं। पुलिस का कहना है कि कई बातचीत इतनी लंबी थीं कि उनकी अवधि दो से तीन घंटे तक पहुंच गई। अधिकारियों के मुताबिक, इन लगातार संपर्कों से यह संकेत मिलता है कि दोनों लंबे समय से किसी योजना पर चर्चा कर रहे थे।
वारदात से पहले हुई थी खास मुलाकात
पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि घटना वाले दिन लोहागढ़ किले के लिए रवाना होने से पहले सिया और चेतन एक कैफे में मिले थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी मुलाकात के दौरान दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने की योजना पर अंतिम चर्चा की थी।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित थी। कथित तौर पर दोनों आरोपियों ने इंटरनेट पर ऐसे कई सवाल खोजे थे, जिनका संबंध हत्या करने और अपराध को अंजाम देने के तरीकों से था। यही वजह है कि पुलिस इस मामले को सुनियोजित साजिश मानकर जांच कर रही है।
हत्या के बाद भी जारी रहा संपर्क
लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक और मामले के जांच अधिकारी दिनेश तायडे ने बताया कि केतन की मौत के बाद भी सिया और चेतन के बीच बातचीत का सिलसिला नहीं रुका। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद भी दोनों के बीच कॉल्स और मैसेज लगातार होते रहे।
जांच एजेंसियां अब इन बातचीतों का विश्लेषण कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात के बाद दोनों ने किन विषयों पर चर्चा की और क्या उन्होंने किसी तरह सबूत मिटाने या जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।
कौन थे केतन अग्रवाल?
25 वर्षीय केतन अग्रवाल महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते थे। वह अपने पारिवारिक व्यवसाय 'सक्सेस ग्रुप' में डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे थे। यह कंपनी राज्य में बड़े पैमाने पर वेयरहाउस निर्माण के क्षेत्र में काम करती है और इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती है।
परिवार के करीबी रिश्तेदारों की पहल पर इस वर्ष फरवरी में उनकी सगाई 20 वर्षीय सिया गोयल से तय हुई थी। दोनों परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से संपन्न माने जाते हैं। नवंबर में दोनों की शादी प्रस्तावित थी और इसके लिए राजस्थान के उदयपुर में होटल सहित कई व्यवस्थाएं पहले ही बुक की जा चुकी थीं।
हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया का चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। बताया जा रहा है कि इस रिश्ते की जानकारी केतन और उनके परिवार को नहीं थी।
शादी को लेकर क्या थी परेशानी?
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सिया इस तयशुदा विवाह से संतुष्ट नहीं थीं। हालांकि, वह अपने परिवार के सामने चेतन के साथ अपने संबंधों को खुलकर स्वीकार करने की स्थिति में नहीं थीं। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पारिवारिक प्रतिष्ठा, सामाजिक दबाव और रिश्तों की जटिल परिस्थितियों के कारण दोनों खुद को सीमित महसूस कर रहे थे।
अधिकारी के अनुसार, सिया और चेतन को लग रहा था कि उनके रिश्ते को परिवारों की स्वीकृति मिलना मुश्किल है। इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर ऐसा रास्ता चुना, जिसने एक युवा कारोबारी की जान ले ली।
फिलहाल पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 61(2) के तहत हत्या तथा आपराधिक साजिश के आरोप दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।













