मध्य प्रदेश के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने और उनकी फसलें नष्ट किए जाने के मामले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अन्याय की हद बताया। चौहान ने कहा कि जिन परिवारों के मकान गिराए गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे और जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनके रहने तथा खाने-पीने का इंतजाम किया जाएगा।कोसमी गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्थित है और चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा के साथ उनके विधानसभा क्षेत्र बुधनी के अंतर्गत आता है। चौहान पहले बुधनी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। गांव में हुई कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया।
घरों के साथ फसलें भी नष्ट करने का आरोप
आरोप है कि वन विभाग और जिला प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से गांव में कई घरों को तोड़ दिया। इस कार्रवाई में प्रभावित परिवारों की फसलें भी नष्ट हो गईं। ग्रामीणों के कुएं को मिट्टी से भर दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इस तरह की कार्रवाई से परिवारों के रहने के ठिकानों के साथ उनकी आजीविका पर भी असर पड़ा है। चौहान के मुताबिक, कुछ महीने पहले भी वन विभाग और प्रशासन की ओर से इसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश की गई थी। उस समय उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की थी और आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद रविवार को दोबारा कार्रवाई किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
'सुबह तक जहां बच्चों की किलकारियां थीं, वहां चीखें गूंज रही हैं'
गांव में प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में कार्रवाई को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि जिन घरों में सुबह तक परिवार रह रहे थे, वहां अब बच्चों की चीखें सुनाई दे रही हैं और महिलाएं रो रही हैं। उनके अनुसार, वर्षों से बने घरों को तोड़ने के साथ ही उनके नीचे परिवारों की फसलें भी दब गईं। चौहान ने कहा कि इन परिवारों ने मेहनत से अपनी आजीविका तैयार की थी, लेकिन कार्रवाई के दौरान उनकी मेहनत और संसाधनों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों के घर उजड़े हैं, उनके बच्चों और परिवारों की स्थिति को कार्रवाई करने वाले अधिकारी किस तरह समझेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह पूरे मामले को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने रखेंगे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। चौहान ने अधिकारियों की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई दोबारा नहीं होनी चाहिए।
मुख्य सचिव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से की बात
शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने घटनास्थल से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन किया। बातचीत के दौरान उन्होंने कोसमी में हुई कार्रवाई की जानकारी दी और इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी फोन पर बात की और गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने के मामले से अवगत कराया। कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चौहान जल्द ही मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी इस विषय पर चर्चा करेंगे। चौहान ने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाने की व्यवस्था की जाएगी। जब तक उनके रहने का स्थायी इंतजाम नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने मौके पर वन विभाग और जिला प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी नाराजगी जताई।
कांग्रेस ने शिवराज और मोहन यादव के बीच खींचतान का लगाया आरोप
कोसमी में हुई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच आपसी खींचतान का खामियाजा गरीब आदिवासी परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। सिंघार ने कोसमी में हुई कार्रवाई का एक वीडियो साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'मोहन-मामा की आपसी खींचतान में उजड़ रहे आदिवासी परिवार।' उन्होंने दावा किया कि बरेला आदिवासी समुदाय के परिवारों की फसलें नष्ट की जा रही हैं और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के भीतर चल रही खींचतान के कारण गरीब आदिवासी परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, सिंघार की ओर से लगाए गए इस राजनीतिक खींचतान के आरोपों के समर्थन में संदर्भ सामग्री में कोई स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्ष का जवाब नहीं दिया गया है। कोसमी में हुई कार्रवाई को लेकर शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी और कांग्रेस के आरोपों के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। फिलहाल, चौहान ने प्रभावित परिवारों के लिए नए घर और अस्थायी व्यवस्था का भरोसा दिया है तथा मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाने की बात कही है।














