रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जब एक ताजिया अचानक हाई-टेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। इस दर्दनाक घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम सात अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल फैल गया।
अधिकारियों के अनुसार यह हादसा गुरुवार रात पिपलोदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में हुआ। उस समय मुहर्रम जुलूस परंपरागत रूप से आगे बढ़ रहा था और ताजिया को गांव के मुख्य मार्गों से निकाला जा रहा था। जुलूस में लगभग 200 लोग शामिल थे। इसी दौरान ताजिया का ऊपरी ढांचा ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन विद्युत लाइन से टकरा गया, जिसके बाद स्थिति अचानक गंभीर हो गई।
बिजली के तार के संपर्क में आते ही ताजिया में करंट फैल गया, जिससे कई लोग उसकी चपेट में आकर झुलस गए और करंट का जोरदार झटका लगा। अचानक हुई इस घटना से जुलूस में भगदड़ जैसे हालात बन गए और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पुलिस और प्रशासन ने बताया कि सूचना मिलते ही राहत टीमों को तत्काल मौके पर रवाना किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पांड्रो ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जुलूस के दौरान ताजिया का ढांचा हाई-टेंशन लाइन से टकरा गया था, जिसके चलते कई लोग बिजली के झटके से घायल हो गए और गंभीर रूप से झुलस गए। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं बिजली लाइन की ऊंचाई या सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई।
हादसे में मृतकों की पहचान राशिद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार एक मृतक के परिजन पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने से पहले ही शव को अपने साथ ले गए।
घायलों को तुरंत रतलाम मेडिकल कॉलेज सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार इनमें से पांच लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी हुई है।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि जिस स्थान से जुलूस गुजर रहा था, वहां हाई-टेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी। लोगों का कहना है कि घटना के समय बिजली विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।














