जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के रैनावारी क्षेत्र में गुरुवार रात एक भीषण अग्निकांड ने इलाके में दहशत फैला दी। कलवाल मोहल्ले में लगी आग ने देखते ही देखते कई रिहायशी मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में आग फैलने से लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
घटना की सूचना मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की, जिससे आसपास के अन्य घरों को बड़े नुकसान से बचाया जा सका।
रात साढ़े नौ बजे मिली सूचना
अधिकारियों के अनुसार गुरुवार रात करीब 9:30 बजे फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज मुख्यालय बटमालू को रैनावारी के कलवाल मोहल्ले में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही रैनावारी फायर स्टेशन की टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
जब दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे तो स्थिति काफी गंभीर थी। आग एक मकान से निकलकर आसपास की इमारतों तक फैल चुकी थी और लगातार विकराल रूप धारण कर रही थी। हालात को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहनों और फायर फाइटर्स की मदद मांगी गई। इसके बाद मुख्यालय से भी अतिरिक्त टीमें मौके पर भेजी गईं।
तीन मंजिला इमारत आग की लपटों में घिरी
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर एक तीन मंजिला एल-आकार की रिहायशी इमारत पूरी तरह आग की चपेट में थी। इमारत से ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं और आग तेजी से फैल रही थी।
इसके अलावा एक अन्य तीन मंजिला मकान भी आग की जद में आ गया था। आग की तीव्रता को देखते हुए आशंका थी कि यह आसपास की अन्य संपत्तियों तक भी पहुंच सकती है। ऐसे में फायर फाइटर्स ने प्राथमिकता के आधार पर आग को सीमित करने और अन्य मकानों तक पहुंचने से रोकने का प्रयास शुरू किया।
स्थानीय लोगों और पुलिस ने निभाई अहम भूमिका
अग्निशमन अभियान के दौरान पुलिस स्टेशन रैनावारी की टीम और स्थानीय निवासियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दमकल कर्मियों के साथ मिलकर लोगों ने प्रभावित क्षेत्रों को खाली कराया और बचाव कार्य में सहयोग दिया।
संयुक्त प्रयासों का ही परिणाम रहा कि आग को कुछ ही इमारतों तक सीमित रखा जा सका। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो घनी आबादी वाले इस इलाके में नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अधिकारियों ने भी स्थानीय नागरिकों के सहयोग की सराहना की।
लकवाग्रस्त बुजुर्ग को सुरक्षित निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान दमकल कर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए एक प्रभावित मकान में फंसे लकवाग्रस्त बुजुर्ग व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग और धुएं के बीच चलाए गए इस अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार समय रहते बुजुर्ग को बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। स्थानीय लोगों ने भी फायर फाइटर्स की तत्परता और बहादुरी की सराहना की।
आग बुझाने के दौरान दो लोग घायल
इस पूरे अभियान के दौरान दो लोग घायल भी हुए हैं। इनमें फायर स्टेशन बाबडेम्ब का एक दमकलकर्मी और एक स्थानीय नागरिक शामिल हैं। दोनों को मामूली से मध्यम चोटें आई हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
फिलहाल दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और संबंधित विभागों द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रियासी में अचानक आई बाढ़ से भी नुकसान
इधर, जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले से भी मौसम से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। गुरुवार शाम महोर सब-डिवीजन के बटोही इलाके में अचानक पानी का तेज बहाव आने से कई घर प्रभावित हो गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण एक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके बाद तेज रफ्तार से बहता पानी निचले इलाकों में पहुंच गया, जिससे वहां रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस घटना में करीब 7 से 9 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
बादल फटने की आशंका, जांच जारी
घटना के बाद कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि ऊपरी क्षेत्रों में संभवतः बादल फटने जैसी स्थिति बनी होगी, जिसके कारण अचानक जलस्तर बढ़ गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि अभी इस संभावना की पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल की स्थिति का आकलन कर रही है और पानी के तेज बहाव की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित परिवारों की मदद और नुकसान के आंकलन में जुटा हुआ है।














