न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

सवालों से इतना डर क्यों? CJP प्रदर्शन पर शशि थरूर बोले- बैरिकेडिंग से नहीं बचेगी सरकार की साख

CJP प्रदर्शन के बीच शशि थरूर ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और हिरासत पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की रिहाई और चुनाव आयोग से जवाब मांगा।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 10 Oct 2026 1:40:15

सवालों से इतना डर क्यों? CJP प्रदर्शन पर शशि थरूर बोले- बैरिकेडिंग से नहीं बचेगी सरकार की साख

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को CJP प्रदर्शन के दौरान नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की तुलना युद्ध जैसे हालात से करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी। थरूर ने आरोप लगाया कि चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोकने के लिए व्यापक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपना बयान साझा करते हुए बताया कि वह रात दो बजे के बाद दिल्ली लौटे थे। राजधानी में प्रवेश के बाद उन्होंने जो हालात देखे, उन्हें असामान्य बताया। उनके मुताबिक, शहर में कई जगह पुलिस चौकियां बनाई गई हैं और सड़कों पर कंक्रीट के बैरिकेड्स के साथ स्पाइक स्ट्रिप्स भी लगाई गई हैं।

दिल्ली में युद्ध जैसे सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल

थरूर ने अपने बयान में दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राजधानी में करीब 22,000 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। उनके अनुसार, सड़कों पर हर कुछ सौ मीटर की दूरी पर चौकियां दिखाई दे रही हैं और आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर अवरोध लगाए गए हैं। कांग्रेस सांसद ने यह भी दावा किया कि इस दौरान 250 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और 45 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। उन्होंने इन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में जिस तरह की सुरक्षा तैयारियां की गई हैं, वे युद्ध जैसी स्थिति का एहसास कराती हैं। थरूर के बयान का केंद्र केवल सुरक्षा बलों की तैनाती नहीं, बल्कि आम लोगों की आवाजाही पर पड़ने वाला असर भी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से युवाओं को उनके घरों और सड़कों से हिरासत में लिए जाने की खबरें मिल रही हैं। उनके मुताबिक, इन कदमों का उद्देश्य नागरिकों को चुनावों की निष्पक्षता पर शांतिपूर्ण तरीके से सवाल उठाने से रोकना है।

इंटरनेट बंद होने और आवाजाही पर प्रतिबंध को लेकर नाराजगी

शशि थरूर ने राजधानी के मध्य हिस्से में इंटरनेट बंद किए जाने को सबसे दमनकारी कदमों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोगों की आवाजाही की स्वतंत्रता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, जंतर-मंतर को इस उद्देश्य से निर्धारित किया गया था कि नागरिक राजधानी के केंद्र में अपनी असहमति व्यक्त कर सकें, लेकिन प्रदर्शन के दौरान वहां पहुंचने वाली सड़कों पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए।
थरूर ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए जगह और अवसर मिलना चाहिए, तब उन्हें रोकने के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था क्यों की जा रही है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस सांसद ने पूछा कि जब राजधानी में महिलाओं को सुरक्षा की जरूरत होती है, तब इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती और इतनी तत्परता कहां दिखाई देती है।

हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग

थरूर ने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रदर्शनकारी सोमवार को फिर से दिल्ली लौटते हैं, तो क्या प्रशासन एक बार फिर राजधानी में इसी तरह के प्रतिबंध लगाएगा। उनके बयान में यह चिंता भी सामने आई कि नागरिकों को अपनी लोकतांत्रिक मांगें रखने के लिए बार-बार इस तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस सांसद ने चुनावों की निष्पक्षता पर भरोसा रखने वाली सरकार और सवाल उठाने वाले नागरिकों के बीच संबंध का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी सरकार को सवालों का स्वागत करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि राजधानी को किले की तरह बंद करने से वे संदेह खत्म नहीं होते, जिन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है, बल्कि ऐसे कदम उन आशंकाओं को और गहरा कर सकते हैं। थरूर ने अपनी टिप्पणी में आने वाली पीढ़ियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी को अगली पीढ़ी के लिए बेहतर व्यवस्था छोड़नी चाहिए। उनके बयान का आशय यह था कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल पूछने की गुंजाइश बनी रहनी चाहिए।

चुनाव आयोग से सवालों के जवाब देने की अपील

शशि थरूर ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केवल बैरिकेड लगाने से चुनाव आयोग के प्रति लोगों का विश्वास बहाल नहीं होगा। उनके मुताबिक, आयोग जितनी जल्दी जनता के सवालों का जवाब देगा, उतनी जल्दी स्थिति सामान्य होने की संभावना बनेगी। कांग्रेस सांसद ने लोकतंत्र की मजबूती को इस बात से जोड़कर देखा कि सत्ता और संस्थाएं अपने कामकाज पर सवाल उठाने वाले नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करती हैं। उन्होंने दिल्ली में देखे गए हालात को शर्मनाक और अमानवीय करार दिया। CJP प्रदर्शन के बीच थरूर का बयान पुलिस कार्रवाई, सुरक्षा इंतजामों, नागरिक स्वतंत्रता और चुनावों की निष्पक्षता से जुड़े सवालों पर केंद्रित रहा। उन्होंने हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग करने के साथ ही चुनाव आयोग से जनता की चिंताओं का जवाब देने की अपील की। उनके बयान में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत शांतिपूर्ण विरोध और असहमति व्यक्त करने के अधिकार को प्रमुखता दी गई।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत