अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी और धन के कथित गबन के मामले में पुलिस ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की। यह मामला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यह कदम अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे का असर है।
दरअसल, गुरुवार को ही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने अगले दिन राम मंदिर में दर्शन करने का कार्यक्रम घोषित किया था। इसी दिन चढ़ावा मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आम आदमी पार्टी ने दोनों घटनाओं को जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए और इसे अपनी राजनीतिक टिप्पणी का आधार बनाया।
सौरभ भारद्वाज बोले- 'यह केजरीवाल के पहुंचने का असर'
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि जिस दिन अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे, उसी दिन राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई। उन्होंने इसे "केजरीवाल का असर" बताया।
सौरभ भारद्वाज ने आगे आरोप लगाया कि सरकार को पहले से पूरे मामले की जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच शुरू करने में देरी की गई। उनका कहना था कि सरकार केवल विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का दिखावा कर रही थी और कानूनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा घटनाक्रम केवल मीडिया प्रबंधन तक सीमित था।
मनीष सिसोदिया ने भी साधा निशाना
पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हनुमान भक्त अरविंद केजरीवाल के अयोध्या पहुंचते ही "चंदा चोरों की लंका में भगदड़ मच गई।"
सिसोदिया ने कहा कि अयोध्या में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई थी, लेकिन सरकार कार्रवाई करने से बच रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक केवल एसआईटी के नाम पर प्रक्रिया चल रही थी, जबकि एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि फिलहाल केवल कुछ आरोपियों के नाम सामने आए हैं और आगे जांच बढ़ने पर मामले में अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर?
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला और करुणेश पांडेय को आरोपी बनाया गया है। वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक गोपाल राव का नाम इस एफआईआर में शामिल नहीं है।
पुलिस का कहना है कि यह एफआईआर विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज में सामने आए तथ्यों के आधार पर दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, धारा 3(5) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(A) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
13 जून को गठित हुई थी एसआईटी
राम मंदिर चढ़ावा मामले में शिकायत सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अपील पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इसके बाद 15 जून से एसआईटी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर टीम ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी थी।
इसी रिपोर्ट और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता और धन के गबन से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और अब जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।













