
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तय होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका स्वागत किया है। पीएम मोदी ने इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताया। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस पहल के लिए धन्यवाद भी किया।
राष्ट्रपति ट्रंप को जताया धन्यवाद
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "भारत और अमेरिका के लिए यह शानदार खबर है! हमने दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा पर सहमति जताई है। मैं इस साझेदारी और विश्वास के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देता हूँ।"
'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बल
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "यह फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की गहराई, भरोसा और गतिशीलता को दिखाता है। यह हमारे किसानों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मजबूत करेगा। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। भारत और अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने और निवेश व तकनीकी साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
Great news for India and USA!
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
We have agreed on a framework for an Interim Trade Agreement between our two great nations. I thank President Trump for his personal commitment to robust ties between our countries.
This framework reflects the growing depth, trust and dynamism of… https://t.co/zs1ZLzamhd
वैश्विक विकास में योगदान
मोदी ने लिखा, "यह फ्रेमवर्क मज़बूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा। जैसे-जैसे भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, हम ऐसे वैश्विक साझेदारियों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।"
व्यापक विवरण और तारीखें
बता दें कि अमेरिका और भारत ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा की। इसके तहत अमेरिका भारत पर लगाए गए टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई द्विपक्षीय व्यापार वार्ता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन देने की प्रतिबद्धताएँ शामिल हैं।
बयान में कहा गया है, "अंतरिम समझौता भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी में मील का पत्थर साबित होगा। यह पारस्परिक हितों और ठोस परिणामों पर आधारित द्विपक्षीय और संतुलित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।"













