कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके ने कहा है कि आंदोलन से जुड़े बड़े फैसले पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ही लेते थे। दिपके के मुताबिक, वह दोनों के निर्देशों का पालन करते थे और उन्होंने ही आंदोलन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। दशहरे के मौके पर जारी अपने 16 मिनट के वीडियो संदेश में दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका को भाई जैसा बताया और उनकी तारीफ की। दिपके ने यह भी स्पष्ट किया कि दिवाली तक कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कोई प्रदर्शन आयोजित करने की योजना नहीं है। उन्होंने पार्टी के समर्थकों से कुछ समय के लिए ब्रेक लेने और त्योहार के दौरान अपने परिवार के साथ समय बिताने की अपील की है। यह संदेश ऐसे समय आया है, जब पार्टी के दो प्रमुख नेता सौरव दास और आशुतोष रांका न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी रिहाई के लिए कानूनी प्रयास किए जा रहे हैं।
दिवाली तक प्रदर्शन नहीं करेगी CJP, समर्थकों से परिवार के साथ समय बिताने की अपील
अभिजीत दिपके ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में उन्होंने पार्टी के समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि दिवाली तक CJP की ओर से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जाएगा। उन्होंने समर्थकों से आंदोलन की गतिविधियों से कुछ समय का विराम लेने और अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने की अपील की। पार्टी के समर्थकों को 'कॉकरोच' कहकर संबोधित करते हुए दिपके ने कहा कि बीते कुछ दिनों में आंदोलन से जुड़े लोगों और उनके परिवारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में त्योहार के मौके पर अपनों के साथ समय बिताना जरूरी है। उनका संदेश आंदोलन से जुड़े लोगों को कुछ समय का आराम देने और उन्हें परिवार के साथ रहने का अवसर देने पर केंद्रित रहा।
आशुतोष रांका और सौरव दास को बताया खुद से ज्यादा काबिल
अपने वीडियो संदेश में अभिजीत दिपके ने CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास की विशेष रूप से तारीफ की। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े बड़े फैसले दोनों नेता ही लेते थे और वह उनके निर्देशों के अनुसार काम करते थे। दिपके ने सौरव और आशुतोष को भाई जैसा बताते हुए कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने में दोनों की अहम भूमिका रही है। दिपके ने यह भी कहा कि पिछले 10-12 दिनों के दौरान आंदोलन से जुड़े लोगों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे हालात में त्योहार के दौरान परिवार के साथ समय बिताने की जरूरत है। उन्होंने न्यायिक हिरासत में लिए गए दोनों नेताओं की प्रशंसा करते हुए उन्हें खुद से अधिक काबिल बताया। उनके इस बयान में आंदोलन के भीतर आशुतोष रांका और सौरव दास की भूमिका को प्रमुखता दी गई। दिपके ने अपने संदेश के जरिए दोनों नेताओं के प्रति सम्मान जताया और समर्थकों से फिलहाल प्रदर्शन की गतिविधियों से विराम लेने की अपील की।
Saurav and Ashu are not just better leaders than me but also better people. When I say this, I am not throwing them under the bus but rather taking pride in the fact that I have better people by my side. https://t.co/j6UXSvgoH9
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 20, 2026
सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती
इस बीच, CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के SEM कोर्ट के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोनों नेताओं ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसके तहत उनकी हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई थी। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने की मांग भी की है।
दोनों नेताओं की ओर से हाईकोर्ट का रुख ऐसे समय किया गया है, जब उनकी रिहाई के लिए कॉकरोच जनता पार्टी की लीगल टीम लगातार प्रयास कर रही है। हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती देना उनकी कानूनी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हाईकोर्ट की सुनवाई या याचिका पर किसी फैसले का विवरण नहीं दिया गया है।
कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर से जुड़े मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई
आशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़े मामलों की बात करें तो 13 अक्टूबर को दोनों के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर जाने के बाद दो मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कनॉट प्लेस से संबंधित मामले को अब क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। वहीं, जंतर-मंतर से जुड़े दूसरे मामले को भी ट्रांसफर कर दिया गया है। इन मामलों के बीच दोनों नेताओं की रिहाई के लिए CJP की लीगल टीम लगातार कानूनी प्रयास कर रही है। दूसरी ओर, अभिजीत दिपके ने दिवाली तक किसी भी प्रदर्शन की योजना नहीं होने की बात कही है और समर्थकों से त्योहार के दौरान परिवार के साथ समय बिताने का आग्रह किया है।













