मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से आपसी मतभेदों और साजिश की अटकलों में उलझने के बजाय एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के साथ अलग-अलग व्यवहार होने से आंदोलनकारियों के बीच संदेह और अविश्वास पैदा हो सकता है। दीपके के मुताबिक, इस तरह लोग उस मुद्दे से भटक सकते हैं, जिस पर वे सत्ता में बैठे लोगों से जवाब मांग रहे हैं। अभिजीत दीपके ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि सीजेपी को प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बाद कुछ लोगों ने पार्टी को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से खड़ा किया गया संगठन बताने वाली साजिश की थ्योरी फैलानी शुरू कर दी। उन्होंने इंडिया गठबंधन के हालिया विरोध मार्च का भी उल्लेख किया और कहा कि उस प्रदर्शन के दौरान वैसी कार्रवाई देखने को नहीं मिली, जैसी 10 अक्टूबर को हुई थी।
अभिजीत दीपके ने साजिश की अटकलों से बचने की अपील की
दीपके ने अपने संदेश में कहा कि विरोध प्रदर्शनों को लेकर उठने वाली साजिश की अटकलें आंदोलनकारियों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर सकती हैं। उन्होंने लोगों से ऐसी बातों के आधार पर आपसी अविश्वास बढ़ाने से बचने की अपील की। उनका कहना था कि किसी प्रदर्शन को अनुमति देना और दूसरे प्रदर्शन पर कार्रवाई करना, दोनों स्थितियों का इस्तेमाल लोगों के बीच संदेह पैदा करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज एक प्रदर्शन को अनुमति मिल सकती है और दूसरे को रोका जा सकता है, जबकि भविष्य में परिस्थितियां इसके उलट भी हो सकती हैं। दीपके ने अपने पोस्ट में लिखा, "मेरी सभी से बस यही अपील है कि इन चालों को समझें। आज, वे एक प्रोटेस्ट की इजाजत दे सकते हैं और दूसरे को कुचल सकते हैं। कल, वे भूमिकाएं बदल सकते हैं। मकसद सिर्फ इतना है कि सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने के बजाय हम एक-दूसरे पर शक करते रहें।"उन्होंने लोगों से साजिश की थ्योरी के कारण बंटने के बजाय एक साथ खड़े रहने का आग्रह किया। अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि लड़ाई ज्ञानेश कुमार और उन्हें बचाने वालों के खिलाफ है और आंदोलनकारियों को इस बात को नहीं भूलना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दो मोर्चों पर विरोध
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। एक ओर इंडिया गठबंधन ने उनके खिलाफ विरोध का मोर्चा खोल रखा है, वहीं दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी भी प्रदर्शन कर रही है। इन प्रदर्शनों के बीच दोनों पक्षों के बीच तालमेल और समर्थन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी क्रम में अभिजीत दीपके ने विरोध करने वाले समूहों के बीच संदेह पैदा होने से बचने की बात कही। उनका जोर इस बात पर था कि अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शन को एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होने की वजह नहीं बनाया जाना चाहिए।
इंडिया गठबंधन के मार्च में दिखीं नेहा बोरा
इंडिया गठबंधन के हालिया मार्च में नेहा बोरा भी विपक्षी नेताओं के साथ दिखाई दीं। वह इस विरोध प्रदर्शन के मुखर चेहरों में शामिल बताई गईं। उनके विपक्षी नेताओं के साथ नजर आने के बाद यह सवाल उठा कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी को भी विपक्ष के साथ खड़ा होना चाहिए। इस सवाल पर सीजेपी की प्रवक्ता मेहर पसरीचा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सीजेपी के स्वयंसेवक भी इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। साथ ही उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे सभी विरोध प्रदर्शनों को कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन है।
सीजेपी ने सभी विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने की बात कही
मेहर पसरीचा के बयान से सीजेपी ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों को लेकर उसका रुख किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है। पार्टी के मुताबिक, उसके स्वयंसेवकों ने इंडिया गठबंधन के मार्च में भी हिस्सा लिया था और वह मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे सभी विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करती है। वहीं, अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में आंदोलनकारियों से आपसी संदेह से बचने और एकजुट रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले लोगों को एक-दूसरे पर शक करने के बजाय सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने पर ध्यान देना चाहिए।













