प्रसिद्ध शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान, जिन्हें छात्र खान सर के नाम से जानते हैं, को अदालत से फिलहाल राहत मिलती हुई नजर आ रही है। पटना जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी पर लगी रोक को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। इस बीच पटना पुलिस ने मामले से संबंधित केस डायरी अदालत में दाखिल कर दी है। अब कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 25 जून को करेगा। तब तक पुलिस खान सर के खिलाफ कोई गिरफ्तारी कार्रवाई नहीं कर सकेगी।
यह मामला 2 जून को पटना में हुए एक विवाद और उसके बाद हुई फायरिंग से जुड़ा है। रौशन आनंद की ज्ञान बिंदु एकेडमी और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच उत्पन्न विवाद के दौरान गोली चलने की घटना सामने आई थी। इसी मामले में खान सर का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया था। अदालत ने पहले की सुनवाई में पुलिस को केस डायरी और खान सर के आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी पेश करने का निर्देश दिया था तथा 20 जून तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी।
शनिवार को पुलिस ने अद्यतन केस डायरी कोर्ट में जमा कर दी। इसके बाद अदालत ने विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख 25 जून निर्धारित की। इस दौरान खान सर को अंतरिम राहत मिलती रहेगी। अब अदालत पुलिस की रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आगे का निर्णय लेगी।
केस डायरी में क्या जानकारी दी गई?
पुलिस जांच में दर्ज तथ्यों के अनुसार, 2 जून की रात लगभग 10 बजकर 10 मिनट पर मारपीट और तोड़फोड़ की घटना हुई थी। वहीं गोली चलाने की घटना करीब 20 मिनट बाद यानी रात 10 बजकर 30 मिनट पर हुई। जांच अधिकारियों का मानना है कि फायरिंग तत्काल आत्मरक्षा की स्थिति में नहीं की गई थी। इसी आधार पर केस डायरी में यह उल्लेख किया गया है कि गोलीबारी का उद्देश्य कथित तौर पर दहशत का माहौल बनाना था, न कि स्वयं की सुरक्षा करना।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
दरअसल, बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर श्रेय लेने की होड़ में पटना के दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों—खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु एकेडमी—के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। 2 जून को यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तनाव और हंगामा देखने को मिला। इसके बाद कदमकुआं थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं।
पहली एफआईआर में ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद और उनके सहयोगियों को नामजद किया गया। उन पर खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में तोड़फोड़, पथराव करने और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई।
प्रिंस यादव की मौत ने बढ़ाई चर्चा
इस मामले का एक अन्य आरोपी रौशन आनंद का भाई प्रिंस यादव भी था। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह नेपाल चला गया था। पिछले सप्ताह नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
रौशन आनंद की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके भाई की मौत के पीछे साजिश हो सकती है और इसमें खान सर की भूमिका की जांच होनी चाहिए। हालांकि नेपाल पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और अब तक किसी भी तरह की आपराधिक साजिश या हत्या की पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी एफआईआर में खान सर भी आरोपी
कदमकुआं थाने में दर्ज दूसरी एफआईआर में खान सर और उनके दो निजी सुरक्षा गार्डों को आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें दोनों गार्ड हवा में गोलियां चलाते दिखाई दिए थे। पुलिस जांच के दौरान दोनों गार्डों ने दावा किया कि उन्होंने यह फायरिंग खान सर के निर्देश पर की थी।
फिलहाल दोनों गार्ड न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं, जबकि खान सर अग्रिम जमानत के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अब सबकी निगाहें 25 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत इस बहुचर्चित मामले में आगे की दिशा तय कर सकती है।













