
बिहार की राजनीति इन दिनों एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ती नजर आ रही है, जहां नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। पटना में सियासी हलचल के बीच तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है और माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है।
राजधानी पटना में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां ज़ोरों पर शुरू हो चुकी हैं। शहर के प्रमुख इलाकों में बांस और बैरिकेडिंग लगाकर रास्तों को व्यवस्थित किया जा रहा है। सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को कई स्थानों पर मजदूरों को इन तैयारियों में जुटे हुए देखा गया, जिससे संकेत मिलता है कि बड़ा राजनीतिक आयोजन नजदीक है।
सूत्रों के अनुसार, 15 अप्रैल को बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है और उसी दिन शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारतीय जनता पार्टी भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पूरी सक्रियता के साथ आगे बढ़ रही है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस प्रक्रिया के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वे 14 अप्रैल (कल) पटना पहुंचकर पार्टी नेताओं के साथ बैठकें करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
इसी बीच बीजेपी सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। उनके संभावित आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। पटना एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाकों में विशेष निगरानी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है।
खबर यह भी है कि प्रधानमंत्री मोदी 14 अप्रैल की शाम पटना पहुंच सकते हैं और अगले दिन यानी 15 अप्रैल को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति लगभग तय मानी जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो यह बिहार की राजनीति के लिए एक बेहद अहम और ऐतिहासिक पल साबित हो सकता है।
#WATCH | Patna, Bihar | On the political developments in Bihar, JDU National Working President and Rajya Sabha MP Sanjay Kumar Jha says, "Everything is going smoothly...There is no problem anywhere. Everything is going as per the plan. The Chief Minister is himself monitoring… pic.twitter.com/MirhBtLYYz
— ANI (@ANI) April 13, 2026
गौरतलब है कि लंबे समय तक नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने और सरकार में साझेदारी करने के बाद, बीजेपी पहली बार अपने दम पर मुख्यमंत्री चुनने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। इस बदलाव को लेकर पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चाएं तेज हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस दौड़ में चार प्रमुख नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इनमें सम्राट चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इसके अलावा श्रेयशी सिंह का नाम भी चर्चा में है, और यदि महिला नेतृत्व को मौका मिलता है तो उन्हें बड़ा अवसर मिल सकता है।
इसके साथ ही जनक राम और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा भी इस रेस में शामिल बताए जा रहे हैं। विजय सिन्हा का संगठनात्मक अनुभव और पार्टी में लंबी सक्रियता उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाती है।
दूसरी ओर, शिवराज सिंह चौहान के पर्यवेक्षक के तौर पर पटना आने पर राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और सभी प्रक्रियाएं तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी तरह की कोई अस्थिरता या समस्या नहीं है और सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है।














