भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब उनका बल्ला चलता है तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी छोटा नजर आने लगता है। श्रीलंका में ट्राई सीरीज खत्म करने के बाद भारत लौटे तिलक ने बिना ज्यादा आराम किए सीधे मैदान का रुख किया और ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया। उन्होंने महज 56 गेंदों में 136 रन ठोकते हुए न केवल शानदार शतक जड़ा, बल्कि अपनी टीम को 259 रन जैसे विशाल लक्ष्य तक भी पहुंचा दिया।
दिलचस्प बात यह रही कि तिलक 21 जून तक श्रीलंका में त्रिकोणीय सीरीज का हिस्सा थे। सोमवार को वह भारत लौटे और उसी दिन तेलंगाना टी20 लीग में अपनी टीम के लिए मैदान पर उतर गए। लंबी यात्रा और लगातार क्रिकेट खेलने की थकान के बावजूद उनके खेल में कहीं भी कमजोरी नजर नहीं आई। इसके उलट उन्होंने अपने बल्ले से ऐसा तूफान खड़ा किया कि विरोधी टीम के गेंदबाज पूरी तरह बेबस दिखाई दिए।
पहले ही मुकाबले में दिखाया दम
इन दिनों तेलंगाना में राज्य स्तरीय टी20 लीग का आयोजन हो रहा है, जिसमें तिलक वर्मा मेदक फालकन्स टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हालांकि उनका इस लीग में लंबा सफर नहीं रहने वाला, क्योंकि उन्हें जल्द ही आयरलैंड के खिलाफ 25 जून से शुरू होने वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम से जुड़ना है।
इसके बावजूद उन्होंने अपने पहले ही मैच में ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने पूरे टूर्नामेंट को चर्चा का विषय बना दिया। जब सामने 259 रन का विशाल लक्ष्य था, तब अधिकांश लोगों को लग रहा था कि यह मुकाबला लगभग एकतरफा हो चुका है। लेकिन तिलक वर्मा की सोच कुछ और ही थी। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
अमन राव की पारी पर भारी पड़ा तिलक का शतक
हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में वारंगल वॉरियर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 258 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम की ओर से अमन राव पेरला ने अविश्वसनीय बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 48 गेंदों में 142 रन बना डाले।
अपनी इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने 12 चौके और 13 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 296 का रहा, जो किसी भी टी20 मुकाबले में बेहद असाधारण माना जाता है। अमन की इस पारी के बाद ऐसा लग रहा था कि मैच पूरी तरह वारंगल के कब्जे में है।
लेकिन दूसरी पारी में तिलक वर्मा ने जो किया, उसने पूरे मुकाबले की तस्वीर ही बदल दी। उन्होंने सिर्फ 56 गेंदों का सामना करते हुए 136 रन की नाबाद और मैच जिताऊ पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 14 चौके और 8 छक्के निकले। उनका स्ट्राइक रेट 242.86 का रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण था।
अकेले दम पर बदल दी मैच की दिशा
टी20 क्रिकेट में 250 से अधिक रन का लक्ष्य हासिल करना हमेशा से बेहद कठिन चुनौती माना जाता है। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय एक छोटी सी गलती भी टीम को हार की ओर धकेल सकती है। लेकिन तिलक वर्मा ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए इस चुनौती को आसान बना दिया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मेदक फालकन्स की ओर से कोई अन्य बल्लेबाज 30 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका। ऐसे में तिलक की पारी का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने अकेले ही टीम के स्कोर का बड़ा हिस्सा अपने नाम किया और अंत तक टिके रहकर जीत सुनिश्चित की।
उनकी बल्लेबाजी ने यह साबित कर दिया कि किसी भी मैच में एक खिलाड़ी का असाधारण प्रदर्शन किस तरह पूरी कहानी बदल सकता है। मैदान पर मौजूद दर्शक और क्रिकेट विशेषज्ञ भी उनकी इस पारी की जमकर सराहना करते नजर आए।
टीम इंडिया के लिए भी राहत भरी खबर
तिलक वर्मा का यह प्रदर्शन भारतीय टीम प्रबंधन के लिए भी बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हाल ही में वनडे सीरीज में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने सीधे टी20 क्रिकेट में उतरकर जिस तरह की फॉर्म दिखाई है, वह आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए उत्साहजनक है।
भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उन पर अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। ऐसे में उनका शानदार फॉर्म में होना टीम इंडिया के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। आयरलैंड के खिलाफ आगामी टी20 श्रृंखला से पहले इस विस्फोटक शतक ने यह संकेत दे दिया है कि तिलक वर्मा आने वाले दिनों में विपक्षी टीमों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।
जिस बल्लेबाज ने कुछ घंटों पहले लंबी यात्रा पूरी की हो और अगले ही दिन मैदान पर उतरकर 136 रन की तूफानी पारी खेल दे, वह निश्चित रूप से असाधारण प्रतिभा का धनी है। तिलक वर्मा की यह पारी लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों की यादों में बनी रहने वाली है।













