महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट के उन दिग्गज खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनका नाम क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहकर अपने शानदार इंटरनेशनल करियर का अंत किया था। हालांकि, संन्यास के बाद भी धोनी का क्रिकेट से रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। वह इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में लगातार चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते नजर आते रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने के बावजूद धोनी की लोकप्रियता और कमाई के कई बड़े स्रोत आज भी मौजूद हैं। आईपीएल के अलावा विज्ञापन, ब्रांड एंडोर्समेंट, बिजनेस और दूसरे निवेश उनकी आय का हिस्सा हैं। ऐसे में अक्सर यह सवाल भी पूछा जाता है कि क्या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI की ओर से एमएस धोनी को रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती है? अगर मिलती है, तो हर महीने उन्हें कितनी रकम प्राप्त होती है?
क्या एमएस धोनी को BCCI से पेंशन मिलती है?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की पेंशन योजना के तहत पात्र पूर्व क्रिकेटरों को हर महीने पेंशन दी जाती है। बोर्ड ने साल 2022 में अपनी पेंशन व्यवस्था में बदलाव करते हुए पूर्व क्रिकेटरों को मिलने वाली मासिक राशि में बढ़ोतरी की थी। इस योजना में खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय और फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर को ध्यान में रखते हुए पेंशन की रकम तय की जाती है।
एमएस धोनी ने भारत के लिए कुल 90 टेस्ट मैच खेले हैं। इस वजह से वह 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व भारतीय पुरुष क्रिकेटरों की श्रेणी में आते हैं। मौजूदा पेंशन व्यवस्था के अनुसार इस कैटेगरी में आने वाले पात्र पूर्व क्रिकेटरों को हर महीने 70,000 रुपये पेंशन दी जाती है।
इस हिसाब से एमएस धोनी भी BCCI की पेंशन योजना के तहत पात्र श्रेणी में आते हैं और उन्हें हर महीने 70 हजार रुपये पेंशन मिलने की बात सामने आती है। हालांकि, धोनी की कुल कमाई और उनके दूसरे आय स्रोतों की तुलना में पेंशन की यह राशि काफी छोटी है।
धोनी की कमाई का बड़ा हिस्सा आईपीएल, विज्ञापन, ब्रांड एंडोर्समेंट, बिजनेस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से आता है। 2025 के आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 4 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी क्रिकेट से होने वाली आय BCCI की पेंशन की रकम की तुलना में कितनी अधिक है।
BCCI की पेंशन किस आधार पर तय होती है?
बीसीसीआई की पेंशन योजना में पूर्व खिलाड़ियों को उनकी क्रिकेट सेवा और मैचों की संख्या के आधार पर पेंशन का लाभ दिया जाता है। इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके प्रदर्शन और अनुभव को भी ध्यान में रखा जाता है।
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले पात्र पूर्व पुरुष क्रिकेटरों को हर महीने 70,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। वहीं, 25 से कम टेस्ट मैच खेलने वाले पात्र पूर्व क्रिकेटरों के लिए मासिक पेंशन की राशि 60,000 रुपये निर्धारित की गई है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेटरों के लिए भी उनकी ओर से खेले गए मैचों की संख्या के आधार पर पेंशन की व्यवस्था है। यानी बोर्ड की पेंशन योजना केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पात्र घरेलू क्रिकेटरों को भी इसका लाभ दिया जाता है।
पूर्व महिला क्रिकेटरों के लिए भी BCCI की ओर से पेंशन योजना लागू है। उनकी पात्रता और क्रिकेट करियर के आधार पर उन्हें भी इस योजना के तहत मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। बोर्ड समय-समय पर अपनी पेंशन और खिलाड़ियों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं में बदलाव करता रहा है।
कैसा रहा एमएस धोनी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर?
एमएस धोनी ने साल 2004 में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद करीब 16 वर्षों तक उन्होंने टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान वह न केवल भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हुए, बल्कि दुनिया के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाजों में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 का टी20 वर्ल्ड कप जीता। इसके बाद 2011 में टीम इंडिया ने वनडे वर्ल्ड कप पर कब्जा किया। साल 2013 में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी भी धोनी की कप्तानी में जीती। इस तरह वह तीनों प्रमुख आईसीसी सीमित ओवरों की ट्रॉफी जीतने वाले कप्तानों में शामिल हो गए।
धोनी ने भारत के लिए कुल 538 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और इस दौरान 17,266 रन बनाए। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16 शतक और 108 अर्धशतक दर्ज हैं। बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग में भी धोनी का प्रदर्शन शानदार रहा।
विकेटकीपर के तौर पर धोनी के नाम 195 इंटरनेशनल स्टंपिंग का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उनकी तेज स्टंपिंग और विकेट के पीछे शानदार रिफ्लेक्स लंबे समय तक चर्चा में रहे हैं। इसके अलावा मुश्किल परिस्थितियों में शांत रहकर फैसले लेने की उनकी क्षमता ने उन्हें 'कैप्टन कूल' की पहचान दिलाई।
हालांकि एमएस धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया, लेकिन भारतीय क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब भी बना हुआ है। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनकी मौजूदगी और देशभर में उनकी लोकप्रियता यह बताती है कि क्रिकेट से संन्यास के बाद भी धोनी का प्रभाव कम नहीं हुआ है।
BCCI की पेंशन उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के बाद मिलने वाली सुविधाओं में से एक है, लेकिन उनकी मौजूदा आर्थिक स्थिति में यह रकम उनकी कुल कमाई का छोटा हिस्सा ही है। आईपीएल, विज्ञापन, ब्रांड और बिजनेस से जुड़े उनके कई आय स्रोत आज भी उन्हें क्रिकेट जगत के सबसे चर्चित और कमाई करने वाले पूर्व क्रिकेटरों में बनाए हुए हैं।













