भारत को श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला से पहले बड़ी राहत मिली है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट घोषित कर दिए गए हैं और अब उनके दोनों टेस्ट मैचों में खेलने की संभावना है। बेंगलुरु स्थित भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के उत्कृष्टता केंद्र में फिटनेस परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें टीम के साथ जुड़ने की अनुमति मिल गई है। इससे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान के अहम चरण से पहले भारतीय टीम की ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है।
फिटनेस परीक्षण में मिले सफल
जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान लगी चोट के कारण तीसरे मुकाबले में नहीं खेल सके थे। इसके बाद उन्हें श्रीलंका दौरे की टेस्ट टीम में फिटनेस मंजूरी के अधीन शामिल किया गया था। अब सभी जरूरी चिकित्सकीय और शारीरिक परीक्षण पूरे करने के बाद उन्हें पूरी तरह फिट माना गया है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत को मिला मजबूत सहारा
शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को अपने बचे हुए अधिकांश मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में बुमराह की वापसी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को नई मजबूती देगी।
कई खिलाड़ियों की चोट के बीच राहत
भारतीय टीम पहले से ही कई खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही है। हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण बाहर हैं, जबकि नितीश रेड्डी अभी भी उबर रहे हैं। वाशिंगटन सुंदर भी हैमस्ट्रिंग चोट के चलते पहला टेस्ट नहीं खेल पाएंगे। वहीं आकाश दीप पीठ की समस्या से उबर रहे हैं और अभी चयन के लिए उपलब्ध नहीं हैं। इन परिस्थितियों में बुमराह की वापसी टीम प्रबंधन के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
तेज गेंदबाजी आक्रमण होगा मजबूत
बुमराह के साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किए गए गुरनूर बराड़ तेज गेंदबाजी विभाग संभालेंगे। गुरनूर बराड़ ने हाल ही में भारत ए की ओर से शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका ए के खिलाफ दस विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था।
15 अगस्त से शुरू होगी श्रृंखला
भारत और श्रीलंका के बीच
पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से
कोलंबो में होगा। भारत को अपने पिछले श्रीलंका दौरे की सुखद यादें हैं, जब
टीम ने मेजबान का तीन-शून्य से सफाया किया था। इस बार भी भारतीय टीम विश्व
टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान पर
उतरेगी।














