FIFA वर्ल्ड कप 2026 में DR कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ के बाद पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो भले ही मैदान पर अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाए, लेकिन मैच के बाद उनका आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच बरकरार दिखी। हार जैसे हालात के बजाय उन्होंने टीम को आगे देखने और अगले मुकाबले पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा, “यह वैसी शुरुआत नहीं थी जैसी हम चाहते थे, लेकिन अभी सब खत्म नहीं हुआ है। सिर ऊंचा रखें और अगले गेम पर ध्यान दें।” उनके इस संदेश ने निराशा के बीच भी उम्मीद की एक किरण दिखाई।
DR कांगो के खिलाफ खेले गए इस ओपनिंग मुकाबले में रोनाल्डो के लिए यह रात बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुई। पूरे मैच के दौरान अनुभवी स्ट्राइकर का प्रभाव सीमित रहा और वह अपने सामान्य मानकों के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सके। ESPN FC के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने पूरे मैच में केवल 25 बार गेंद को टच किया, तीन शॉट लगाए लेकिन उनमें से एक भी लक्ष्य पर नहीं जा सका, और केवल एक ही ड्यूल जीत पाए। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि DR कांगो की रक्षापंक्ति ने उन्हें बेहद प्रभावी तरीके से नियंत्रित रखा।
यह मुकाबला उनके वर्ल्ड कप करियर के उन मैचों में शामिल हो गया है, जहां उनकी भागीदारी सबसे कम रही है। शुरुआत में खेलने वाले मैचों में यह उनके लिए दूसरे सबसे कम टच वाला मुकाबला भी रहा, जो पुर्तगाल की आक्रामक रणनीति में उनके सीमित योगदान को दर्शाता है। लगातार बड़े टूर्नामेंटों में गोल न कर पाने का यह सिलसिला भी उनके लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है, क्योंकि अब वह पिछले 10 बड़े अंतरराष्ट्रीय मैचों में गोल करने में सफल नहीं हो पाए हैं। उनके अनुभव और महान करियर के बावजूद यह आंकड़ा एक असामान्य स्थिति को दर्शाता है।
वहीं दूसरी ओर, पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज की टीम ने मैच की शुरुआत तो मजबूत की थी, लेकिन अंत में दो महत्वपूर्ण अंक गंवा दिए। जोआओ नेवेस के शुरुआती गोल के बाद योआने विसा ने बराबरी का गोल दागकर मैच को 1-1 की स्थिति में ला दिया। पुर्तगाल ने छठे मिनट में बढ़त हासिल कर ली थी, जब पेड्रो नेटो के शानदार क्रॉस पर नेवेस ने सटीक हेडर लगाते हुए गेंद को गोल के दूर कोने में पहुंचा दिया। यह उनके करियर का चौथा अंतरराष्ट्रीय गोल भी रहा।
Não era o arranque que queríamos, mas isto está longe de ter acabado. Cabeça levantada e foco no próximo jogo. pic.twitter.com/YoH3RQcz9z
— Cristiano Ronaldo (@Cristiano) June 17, 2026
शुरुआती बढ़त के बाद पुर्तगाल की लय धीरे-धीरे कमजोर पड़ती नजर आई। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा लेकिन आक्रामक मौके बनाने में वह अपेक्षित तेजी नहीं दिखा सकी। दूसरी ओर, DR कांगो ने काउंटर-अटैक के जरिए लगातार खतरा पैदा किया और मैच को संतुलन में ला दिया।
पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में DR कांगो को इसका इनाम मिला, जब योआने विसा ने आर्थर मासुआकू के सटीक क्रॉस पर बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद दूसरे हाफ में पुर्तगाल ने फिर से बढ़त बनाने की कोशिश की और जोआओ कैंसिलो ने एक शानदार शॉट से गोल भी दागा, लेकिन ऑफसाइड के कारण उसे मान्यता नहीं मिली। इसके तुरंत बाद DR कांगो ने भी जवाबी हमला किया, जिसमें सेड्रिक बाकाम्बु ने ब्रूनो फर्नांडिस को पीछे छोड़ते हुए गोलपोस्ट की ओर शॉट लगाया, जिससे पुर्तगाल की चिंता बढ़ गई।
अंतिम मिनटों में सब्स्टीट्यूट के रूप में आए फ्रांसिस्को कॉन्सेकाओ ने पुर्तगाल के आक्रमण को गति देने की कोशिश की और रोनाल्डो के लिए कुछ मौके भी बनाए, लेकिन अनुभवी स्ट्राइकर उन्हें गोल में तब्दील नहीं कर सके। पूरी टीम लगातार प्रयासों के बावजूद निर्णायक बढ़त हासिल करने में विफल रही। अंततः मैच 1-1 पर समाप्त हुआ, जहां पुर्तगाल जीत के लिए संघर्ष करता रहा, जबकि DR कांगो ने डटकर मुकाबला करते हुए 1974 के बाद अपने पहले वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक और यादगार अंक हासिल किया।














