फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा ने कतर के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 6-0 की एकतरफा जीत दर्ज की, लेकिन इस यादगार जीत के बीच टीम को एक ऐसा झटका लगा जिसने खिलाड़ियों और प्रशंसकों दोनों की चिंता बढ़ा दी। कनाडा के प्रमुख मिडफील्डर इस्माइल कोने गंभीर चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। मैच के दौरान हुई एक टक्कर में उनके पैर की दो हड्डियां टूट गईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल स्ट्रेचर की मदद से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा।
हालांकि मुकाबले में कनाडा ने दबदबा बनाए रखा, लेकिन इस्माइल कोने की चोट ने जीत की खुशी को काफी हद तक फीका कर दिया। इतना ही नहीं, मैच समाप्त होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
दूसरे हाफ में हुआ दर्दनाक हादसा
यह घटना मुकाबले के दूसरे हाफ की शुरुआत में हुई। कनाडा की ओर से आक्रमण की कोशिश के दौरान कतर के मिडफील्डर असिम मदीबो ने इस्माइल कोने को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच टक्कर हुई और कोने का पैर बुरी तरह मुड़ गया।
टक्कर के तुरंत बाद कोने दर्द से कराहते हुए मैदान पर गिर पड़े। उनकी स्थिति देखकर खिलाड़ियों और दर्शकों को अंदाजा हो गया कि चोट गंभीर हो सकती है। मेडिकल स्टाफ बिना देर किए मैदान पर पहुंचा और प्राथमिक उपचार शुरू किया।
बाद में सामने आई शुरुआती चिकित्सकीय रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि कोने के पैर की दो हड्डियां टूट गई हैं। फुटबॉल में इस तरह की चोट को बेहद गंभीर माना जाता है और इससे उबरने में कई महीने लग सकते हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अस्पताल भेजने की सलाह दी और स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। जानकारी के अनुसार, उनकी जल्द ही सर्जरी की जाएगी।
दर्शकों ने तालियों से बढ़ाया हौसला
जब इस्माइल कोने को स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया जा रहा था, तब स्टेडियम का माहौल भावुक हो गया। हजारों दर्शक अपनी सीटों से खड़े हो गए और लगातार तालियां बजाकर घायल खिलाड़ी का उत्साह बढ़ाने लगे।
दर्द में होने के बावजूद कोने ने स्ट्रेचर पर लेटे-लेटे हाथ हिलाकर प्रशंसकों के समर्थन का आभार व्यक्त किया। यह दृश्य स्टेडियम में मौजूद लोगों के लिए काफी भावुक करने वाला था।
कोने के मैदान छोड़ने के बाद उनकी जगह नाथन सालिबा को उतारा गया। सालिबा ने कुछ ही देर बाद शानदार फ्री-किक के जरिए कनाडा के लिए एक और गोल दाग दिया। गोल करने के बाद उन्होंने इस्माइल कोने की जर्सी नंबर 8 को हवा में लहराकर अपनी खुशी जाहिर की और यह गोल अपने घायल साथी को समर्पित किया। इस पल ने मैदान पर मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
जीत के बाद मैदान पर बढ़ा तनाव
मुकाबला समाप्त होने के बाद जहां कनाडाई खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे, वहीं कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श मैच खत्म होने के बाद कतर के कोच जुलेन लोपेटेगी से औपचारिक रूप से हाथ मिलाने पहुंचे थे।
शुरुआत में सामान्य दिख रही बातचीत अचानक बहस में बदल गई। दोनों कोचों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जिसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ भी आमने-सामने आ गए। कुछ समय तक मैदान पर तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी रही।
स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षा कर्मियों और टूर्नामेंट अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों टीमों को अलग किया और माहौल को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद मामला नियंत्रण में आया और खिलाड़ियों को मैदान से बाहर भेजा गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
मैच के दौरान इस्माइल कोने की चोट और उसके बाद मैदान पर हुए विवाद के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। फुटबॉल प्रशंसक एक ओर कोने के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मैच के बाद हुई बहस को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं।
कनाडा की टीम के लिए यह जीत अंक तालिका के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रही, लेकिन स्टार खिलाड़ी की अनुपस्थिति आगामी मुकाबलों में टीम की रणनीति पर असर डाल सकती है। अब सभी की नजरें कोने की मेडिकल रिपोर्ट और टीम प्रबंधन के अगले फैसलों पर टिकी हुई हैं। वहीं कनाडाई प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि उनका यह अहम खिलाड़ी जल्द स्वस्थ होकर मैदान पर वापसी करेगा।













