
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के किन्नौर में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर ज्यूरी रोड के निगोसारी और चौरा के बीच अचानक लैंडस्लाइड हो गई। चट्टानें एक बस, एक ट्रक, बोलेरो और 3 टैक्सी पर जा गिरीं। मलबे में दबी बस हिमाचल रोडवेज की है, जो मूरंग से हरिद्वार जा रही थी। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 13 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। खबर है कि अभी भी मलबे में 25 लोगों के फंसे होने की सम्भावना है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और NDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। वहीं ITBP को भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बुलाया गया है। हिमाचल सरकार ने रेस्क्यू के लिए उत्तराखंड और हरियाणा सरकार से हेलिकॉप्टर मांगे हैं। आर्मी ने भी अपने दो हेलिकॉप्टर भेजे हैं।
Himachal Pradesh | Another body has been recovered by Indo-Tibetan Border Police (ITBP) personnel from the wreckage of a bus following the landslide in Kinnaur. Death toll rises to 11.
— ANI (@ANI) August 12, 2021
(Pic credits: ITBP) pic.twitter.com/cm3As2GiMg

इस हादसे में बस के कंडक्टर मोहेंद्र पाल और ड्राइवर गुलाब सिंह सुरक्षित हैं। ये दोनों सड़क पर पहले से गिरे पत्थर देखने के लिए बस से बाहर निकले थे। इसी दौरान पहाड़ से मलबा गिर गया और बस दब गई। दोनों ने भागकर अपनी जान बचा ली। कंडक्टर का कहना है कि बस में 25 सवारियां थीं। बस ड्राइवर और कंडक्टर ने ही अफसरों को हादसे की सूचना दी थी, जिसके बाद रेस्क्यू शुरू किया गया।
बस कंडक्टर महेंद्र पाल ने बताया, 'बस में करीब 25 यात्री सवार थे। जैसे ही हम निगुलसेरी पहुंचे, तो देखा कि सामने पहाड़ी से चट्टानें गिर रही हैं। हमने बस को 100 मीटर पीछे ही रोक दिया। यहीं पर कार और ट्रक समेत दूसरी गाड़ियां भी रुक गईं। इसके बाद अचानक पहाड़ी चट्टानें सभी गाड़ियों पर गिर गईं।'
ड्राइवर गुलाब सिंह ने बताया, 'यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि बस यहां से गुजर पाएगी या नहीं। ऐसे में मैं और कंडक्टर बस से उतर कर पैदल सड़क पर चल पड़े। जैसे ही थोड़े आगे निकले, चट्टानें गिरनी शुरू हो गईं। हम दोनों पीछे की तरफ भागे और सड़क किनारे एक जगह पर छिप गए। इसके बाद भारी भरकम चट्टानें और मलबा बस समेत दूसरे वाहनों पर गिर गए। वो माहौल बेहद डरावना था।'
PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
वहीं प्रधानमंत्री ने हादसे में मरने वाले लोगों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कुछ लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। पत्थरों के लगातार गिरने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है। सीएम ठाकुर ने कहा कि फंसे हुए लोगों की संख्या के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
सीएम ने बताया कि हादसे को लेकर उनकी बात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई है और उन्होंने ने एनडीआरएफ की टीम को बचाव के लिए मौकेपर पहुंचने के आदेश दिए हैं। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन में दो हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं।














