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Co-WIN एप में कोरोना वैक्सीन रजिस्ट्रेशन; क्या है तरीका, पूरी जानकारी

By: Pinki Mon, 01 Mar 2021 09:13 AM

Co-WIN एप में कोरोना वैक्सीन रजिस्ट्रेशन; क्या है तरीका, पूरी जानकारी

देश भर में 1 मार्च यानी आज से कोरोना संक्रमण के खिलाफ वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें 60 साल से ज़्यादा उम्र और 45 साल से ज्यादा उम्र के गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। जिनकी उम्र 1 जनवरी 2022 को 60 साल होने वाली होगी, वे भी इस बार टीका लगवा सकेंगे। वैक्सीनेशन दोपहर तीन बजे तक चलेगा। इसके लिए को-विन 2.0 पोर्टल के साथ ही आरोग्य सेतु पर सोमवार सुबह नौ बजे से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। जिन लोगों को वैक्सीन के दोनों डोज मिल जाएंगे, उन्हें Co-WIN पोर्टल या फिर आरोग्य सेतु एप से कोविड-19 सर्टिफिकेट मिल जाएगा।

आपको बता दे, देश में कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम 16 जनवरी से शुरू हो गया था। इस कार्यक्रम के तहत पहले फ्रंटलाइन हेल्थ वर्करों को वैक्सीन दी गई और अब दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन लगेगी। इसके साथ ही 45 से 60 वर्ष की उम्र के ऐसे लोगों को भी वैक्सीन लगेगी, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। जिनकी उम्र 1 जनवरी, 2022 को 60 साल होने वाली होगी, वह भी टीका लगवा सकेंगे। केंद्र सरकार का आकलन है कि करीब 27 करोड़ लोग इस कैटेगरी में आते हैं। पहली डोज लेने वाला 29वें दिन दूसरी डोज के लिए भी इसी पोर्टल पर बुकिंग करा सकता है, लेकिन अगर कोई लाभार्थी पहली डोज की बुकिंग रद्द करता है तो उसकी दोनों डोज की बुकिंग रद्द हो जाएगी।

वैक्सीनेशन की पूरी जानकारी...

कितनी चुकानी होगी कीमत?

करीब 12 हजार सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीका फ्री लगेगा। वहीं, कई प्राइवेट अस्पतालों को भी COVID-19 वैक्सीन सेंटरों के तौर पर सर्टिफिकेट दिया गया है और बताया गया है कि प्रति वैक्सीन शॉट कोई अस्पताल 250 रुपये से ज़्यादा चार्ज नहीं कर सकेगा।

क्या आप वैक्सीन का चुनाव कर सकेंगे?

नहीं। Co-WIN एप के ज़रिये केवल आप वैक्सीन की तारीख और वैक्सीन सेंटर चुन सकेंगे। यह नहीं चुना जा सकेगा कि आप कौन सी वैक्सीन लगवाना चाहते हैं। यह भी गौरतलब है कि इस एप पर 45 साल से ज़्यादा उम्र के गंभीर रोग ग्रस्त लोगों के लिए और कौन सी कंडीशन होंगी, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है। इस समय टीकाकरण अभियान में भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन- कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोवीशील्ड का इस्तेमाल हो रहा है।

रजिस्ट्रेशन के लिए कौन से दस्तावेज़ हैं ज़रूरी?

सरकार ने यह साफ किया है कि अपने मोबाइल नंबर के ज़रिये आप जब रजिस्ट्रेशन करेंगे, तब ओटीपी (OTP) मिलेगा। इसी ओटीपी से आपका रजिस्ट्रेशन संभव होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान आपको नाम, उम्र, लिंग और एक पहचान पत्र का विवरण देना होगा और यही पहचान पत्र वैक्सीन सेंटर पर लेकर जाना होगा। 45 से 60 साल के जिन लोगों को गंभीर बीमारी है, उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना होगा। सरकार ने इसके लिए डिक्लरेशन फॉर्मेट के साथ इस क्राइटेरिया में आने वाली 20 बीमारियों की लिस्ट भी जारी की है। इस फॉर्म को डॉक्टर से सर्टिफाई करवाना होगा।

कितने लोग कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन?

Co-WIN एप पर परिवार के चार सदस्यों का ​रजिस्ट्रेशन हो सकता है। यह भी बताया गया है कि जो आरोग्य सेतु एप फिलहाल उपलब्ध है, उसके ज़रिये भी इसी तरह के ही फायदे मिलेंगे। इस एप में हाल ही, CoWIN सेक्शन जोड़ा गया है, जो यूज़रों को वैक्सीन संबंधित सर्टिफिकेट आदि की जानकारी और आंकड़े देगा। आपके मोबाइल में अगर लंबे समय से यह एप है, तो आप इसे अपडेट या नए सिरे से डाउनलोड कर सकते हैं। कोविन (Co-WIN) ऐप के वेब पोर्टल (cowin.gov.in) के साथ ही IVRS और कॉल सेंटर भी रजिस्ट्रेशन करेंगे। भारत के 6 लाख गांवों में स्थित करीब 2.5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर (सेवा केंद्र) पर भी रजिस्ट्रेशन होगा।

क्या Co-WIN ही इकलौता माध्यम है?

नहीं। जो लोग तकनीक इस्तेमाल नहीं कर सकते या फिर स्मार्ट फोन का इस्तेमाल नहीं करते, वो सीधे 1507 नंबर डायल कर सेंटर पर बातचीत कर सकते हैं। इसके बाद वो अपने नजदीकी सेंटर में जाकर वैकेंसी होने की स्थिति में खुद को वैक्सीन के लिए रजिस्टर करवा सकते हैं।

क्या बिना रजिस्ट्रेशन के वैक्सीनेशन हो सकेगा?

हां। जिस तरह ट्रेन में बिना रिजर्वेशन के भी सीट मिलती है, वैसे ही वैक्सीन भी सेंटर पर जाकर लगवा सकते हैं। पर यह तभी होगा, जब वहां कोई वैकेंसी रहती है। यह राज्य सरकारें तय करेंगी कि किसी केंद्र की कैपेसिटी के लिहाज से ऑनलाइन और ऑफलाइन का अनुपात क्या रहेगा।

कितने सेंटर पर वैक्सीन लगेगी?

लोग अपने घर के पास के सेंटर पर अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। फिलहाल सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ही वैक्सीनेशन हो रहा है। ये करीब 12 हजार हैं। आयुष्मान भारत में एम्पैनल्ड अस्पताल या CGHS हॉस्पिटल्स भी शामिल होंगे, जो 12,000 हैं। इस तरह कुल 24 हजार लोकेशंस पर वैक्सीनेशन होगा।

आपको बता दे, जैसे ही आपका टीकाकरण संपन्न होगा, क्यूआर कोड बेस्ड एक सर्टिफिकेट भी आपको दिया जाएगा। यही नहीं, रिपोर्ट मॉड्यूल में ये जानकारियां भी रहेंगी कि कितने लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी और कितने लोग ड्रॉप आउट रहे।

पीएम मोदी ने दिल्ली AIIMS में लगवाई कोरोना वैक्सीन


आपको बता दे, कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरे फेज आम लोगों के लिए शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को खुद वैक्सीन लगवाई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में सोमवार सुबह पीएम मोदी को कोविड-19 से बचाव का टीका लगाया गया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक प्रधानमंत्री ने भारत बायोटेक की कोवैक्सिन लगवाई है। उन्हें पुडुचेरी की नर्स पी निवेदा ने वैक्सीन लगाई।

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