नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी के तांडव ने प्रलय मचा रखी है। हीट स्ट्रोक और बेमिसाल गर्मी को इंसान बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। ऐसे में पूरे देश में मृतकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। देश की राजधानी दिल्ली भी इससे अछूती नहीं है। वैसे भी दिल्ली में इस बार जो गर्मी पड़ी है, वैसी शायद ही कभी पड़ी है। गर्मी के चलते धूप में बाहर रहने को मजबूर लोगों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। लोगों की मौतें भी हो रही हैं। दिल्ली के श्मशान निगमबोध घाट पर रोजाना आने वाले शवों की संख्या भी बढ़ गई है। एक तरफ जहां निगमबोध घाट में रोजाना 50 से 60 शव पहुंचते थे, वहीं यहां बीते दो दिनों में यह संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। निगमबोध घाट प्रशासन के मुताबिक, 19 जून को दिल्ली से लगभग 142 शव निगमबोध घाट पहुंचे और 18 जून को करीब 90 शव निगमबोध घाट आए।
दिल्ली के सबसे बड़े श्मशान निगमबोध घाट के इंचार्ज सुमन गुप्ता के मुताबिक, बीते 2 दिनों में शमशान आने वाले शवों की संख्या सामान्य से दोगुनी से अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि रोजाना निगमबोध घाट पर तकरीबन 50 से 60 शव आते हैं। इस बार जून के महीने में पहली तारीख से लेकर 19 जून तक तकरीबन 1100 शव आ चुके हैं। कोविड के दौरान जून के महीने में शवों की संख्या 1500 थी। अभी इस महीने में 10 दिन बाकी हैं। यही सिलसिला रहा तो कोविड के आंकड़ों की बराबरी हो सकती है।
![कोविड के बाद दिल्ली में मौत का तांडव, निगम बोध श्मशान घाट पर पहुँचे 142 शव
after covid,delhi witnesses death toll,142 bodies reach nigambodh crematorium]()
सुमन गुप्ता ने बताया कि निगमबोध घाट पर 19 जून को 142 शव अंतिम संस्कार के
लिए लाए गए, उससे पहले 18 जून को 90 शव लाए गए थे। उन्होंने यह भी बताया
कि अभी तक के इतिहास में कोविड के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा 253 शव
निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लाने का रिकॉर्ड है। उसके बाद से 19
जून 2024 को आए 142 शवों की संख्या दूसरी सबसे बड़ी संख्या मानी जा रही है।
दिल्ली
के निगम बोध घाट पर इस साल जून महीने में अभी तक 1101 शवों का अंतिम
संस्कार किया गया है। 2022 जून में हुए 1570 शवों के दाह संस्कार हुए थे,
इस बार आंकड़ा इससे पार जाने की आशंका जताई जा रही है। जून 2021 में 1210,
जून 2022 में 1570 और जून 2023 में 1319 शवों का अंतिम संस्कार किया गया
था।
सुमन गुप्ता के मुताबिक शवों की संख्या भीषण सर्दियों में बढ़ती
है। उस दौरान बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी होती है। उस वक्त भी
ज्यादा मौतें होती हैं, जिसकी वजह से शवों की संख्या बढ़ जाती है। गौरतलब
है कि भीषण गर्मी के चलते दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे एनसीआर में लोगों का
हाल बेहाल है। नोएडा की बात करें तो यहां भी एक दिन में करीब 14 लोगों की
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई थी। वहीं गाजियाबाद में भी
बीते 3 दिनों में 30 से ज्यादा संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले
सामने आ चुके हैं। सामने आ रहे इन आंकड़ों पर सरकारी अधिकारियों का कहना है
कि इन सभी मौतों के पीछे असल वजह क्या है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम
रिपोर्ट के बाद ही होगा।
निगम बोध घाट पर हुए दाह संस्कार का पिछले एक हफ्ते का डाटा 14 जून - 43
15 जून- 53
16 जून -70
17 जून- 54
18 जून- 97
19 जून- 142 (रात 12 बजे तक)
दिल्ली
में न्यूनतम तापमान ने 55 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के
सफदरजंग केंद्र के अनुसार 18 जून की रात न्यूनतम पारा सामान्य से 8 डिग्री
अधिक 35.2 डिग्री दर्ज किया गया जो 1969 के बाद सर्वाधिक है। 23 मई, 1972
को न्यूनतम पारा 34.9 डिग्री रहा था।
दिल्ली-एनसीआर में बीती रात
करीब 10 बजे से मौसम अचानक बदल गया और धूल भरी आंधी के साथ कहीं-कहीं हल्की
बारिश हुई है। मौसम विभाग से मिली सूचना के अनुसार इस दौरान 40 से 60 किमी
प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली जिससे तापमान में कुछ कमी आई है। पहाड़
से लेकर मैदान तक मौसम का मिजाज बदला है।
मौसम विभाग के अनुसार,
दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार को अच्छी बारिश हो सकती है। अनुमान जताया जा
रहा है कि दिन का तापमान करीब एक महीने बाद 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह
सकता है। इसके अलावा आंधी की संभावना भी बन रही है।