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2024 मेरा आखिरी चुनाव हो सकता है, युवाओं के लिए जगह बनानी पड़ती है: शशि थरूर

राजनीति में कोई भी बात फाइनल नहीं होती है। कौन जानता है कि हालात क्या होंगे? आज कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। आज भारत के सामने कई चिंताएं हैं। 2024 का चुनाव यह तय करने जा रहा है कि भारत का भविष्य कैसा होगा, हम अपने बच्चों के लिए किस तरह का भारत चाहते हैं।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Fri, 29 Dec 2023 3:42:53

2024 मेरा आखिरी चुनाव हो सकता है, युवाओं के लिए जगह बनानी पड़ती है: शशि थरूर

तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस के दिग्गज नेता, केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य शशि थरूर ने राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दिया है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर थरूर का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कह रहे हैं कि साल 2024 में होने वाला लोकसभा चुनाव उनका आखिरी चुनाव होगा। वहीं, अपनी इस टिप्पणी पर उन्होंने गुरुवार को प्रतिक्रिया देते हुए खुद इस बात का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एक समय आता है जब युवाओं के लिए जगह बनानी होती है और यही मेरी सोच है। इसके साथ ही थरूर ने यह भी कहा, ''राजनीति में एक और नारा है 'कभी न मत कहो'। हालांकि उन्होनें ये भी कहा कि इस बारे में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, क्योंकि यह राजनीति है।”

गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर वह 2024 में तिरुवनंतपुरम से चुनाव लड़ेंगे, तो वह इसे ऐसे लड़ेंगे, जैसे यह उनका आखिरी चुनाव हो, पूरे जोश के साथ, लोगों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे। एक दशक पहले राजनीति में प्रवेश करने वाले थरूर ने 2009 के आम चुनाव में केरल के तिरुवनंतपुरम सीट से शानदार जीत हासिल की थी और सांसद के तौर पर अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी।

ज्ञातव्य है कि शशि थरुर ने एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में तिरुवनंतपुरम निर्वाचन क्षेत्र से उनकी लड़ाई अंतिम हो सकती है। क्योंकि मेरा मानना है कि एक समय आता है जब युवाओं के लिए जगह बनानी होती है और यही मेरी सोच है। इसके साथ ही थरूर ने यह भी कहा, ''राजनीति में एक और नारा है कभी न मत कहो।"

लोगों को अच्छे विकल्प मिलने चाहिए

थरुर जब सवालों का जवाब दे रहे थे उसी दौरान एक पत्रकार ने पूछा कि ऐसी खबरें हैं कि भाजपा इस बार तिरुवनंतपुरम में आप के खिलाफ एक राष्ट्रीय नेता को मैदान में उतारना चाहती है? इस पर थरूर ने कहा कि जनता को निर्णय लेने दीजिए, उन्हें विकल्प मिलना चाहिए लोग एक अच्छे विकल्प के हकदार होते हैं। मैं बहुत सारी बातें कह सकता हूं। यदि मुझे राज्य की राजधानी में वापस चुनाव लड़ने का मौका मिलता है तो मैं हमेशा तैयार हूं और यदि वे किसी और को चाहते हैं तो यह उनकी पसंद है।

15 साल पहले शुरू हुआ राजनीतिक सफर

वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में थरूर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीआई के पी रामचंद्रन नायर को 95,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया था। इस सफलता के बाद उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में निर्णायक जीत के साथ इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने से पहले, थरूर ने संयुक्त राष्ट्र के साथ काम किया और 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के लिए आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

2024 यह तय करने जा रहा कि भारत का भविष्य कैसा होगा

आगामी चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि राजनीति में कोई भी बात फाइनल नहीं होती है। कौन जानता है कि हालात क्या होंगे? आज कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। आज भारत के सामने कई चिंताएं हैं। 2024 का चुनाव यह तय करने जा रहा है कि भारत का भविष्य कैसा होगा, हम अपने बच्चों के लिए किस तरह का भारत चाहते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बहुलवाद के संदर्भ में भारत के बुनियादी चरित्र, लोकतंत्र की रक्षा हो। वहीं, राज्य की राजनीति पर थरूर ने कहा कि देखिए, मेरा फोकस फिलहाल लोकसभा चुनाव पर है। हम हर चीज के बारे में बाद में बात कर सकते हैं।

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