
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना साझा की है। बैंक ने बताया है कि 6 अगस्त 2025 को UPI सेवा कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेगी। यह जानकारी सार्वजनिक मंच ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई, जिसमें बैंक ने UPI प्रणाली के रखरखाव को इसकी वजह बताया है।
SBI का कहना है कि यह मेंटेनेंस कार्य 6 अगस्त की सुबह 1:00 बजे से 1:20 बजे तक, यानी केवल 20 मिनट के लिए होगा। इस समयावधि में ग्राहक यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के ज़रिए पेमेंट नहीं कर सकेंगे। हालांकि, बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस दौरान UPI लाइट सेवा सुचारु रूप से उपलब्ध रहेगी, जिससे ग्राहक बिना रुकावट भुगतान कर सकेंगे।
क्या है UPI लाइट और क्यों है यह खास?
UPI लाइट, भारतीय रिजर्व बैंक की निगरानी में शुरू की गई एक आधुनिक पेमेंट सुविधा है, जिसे विशेष रूप से छोटे और त्वरित लेनदेन के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह बिना रीयल-टाइम बैंक कनेक्शन के काम करता है, जिससे नेटवर्क या सर्वर डाउन होने की स्थिति में भी पेमेंट संभव हो पाता है।
यह सेवा विशेष रूप से छोटे खर्चों के लिए उपयुक्त है, जैसे – दूध, सब्ज़ी, बस का टिकट, या पार्किंग चार्ज। UPI लाइट की मदद से आप एक बार में ₹1,000 तक का ट्रांज़ैक्शन कर सकते हैं। वहीं, इस वॉलेट में अधिकतम ₹5,000 तक की राशि स्टोर की जा सकती है। इसका मतलब, जब UPI सेवा बंद हो, तब भी आप ₹1,000 तक के भुगतान UPI लाइट से कर सकते हैं।
UPI लाइट कैसे करें एक्टिवेट?
यदि आप SBI ग्राहक हैं और UPI लाइट का इस्तेमाल शुरू करना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद सरल है:
- अपने पसंदीदा UPI ऐप (जैसे – PhonePe, Google Pay या Paytm) को खोलें।
- ऐप में UPI लाइट का विकल्प खोजें और उस पर टैप करें।
- अब अपनी SBI खाता संख्या चुनें और राशि जोड़ें – आप ₹500 या ₹1,000 जोड़ सकते हैं।
- फिर UPI पिन डालें और वॉलेट एक्टिवेट करें।
एक बार जब आपका UPI लाइट वॉलेट चालू हो जाता है, तो आप इसमें किसी भी समय पैसे जोड़ सकते हैं और उससे छोटे भुगतान कर सकते हैं – वो भी तेज़, सुरक्षित और बिना फेलियर के।
UPI लाइट क्यों बनता है स्मार्ट विकल्प?
जब भी किसी कारणवश मुख्य UPI नेटवर्क पर लोड अधिक होता है या सर्वर मेंटेनेंस चल रहा होता है, तो अक्सर पेमेंट अटक जाते हैं या फेल हो जाते हैं। ऐसे में UPI लाइट एक बेहतर, भरोसेमंद और लचीला विकल्प बनकर सामने आता है। इस सेवा का इस्तेमाल करके न केवल आप छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर सकते हैं, बल्कि लेन-देन की गति भी बनाए रख सकते हैं – बिना किसी रुकावट या तकनीकी अड़चन के।














