
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 29 अगस्त को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ नाम की नई कंपनी की शुरुआत की। यह संस्था पूरी तरह रिलायंस की स्वामित्व वाली होगी और इसका मुख्य मकसद भारत को वैश्विक स्तर पर AI तकनीक का अग्रदूत बनाना है। चेयरमैन मुकेश अंबानी ने AGM के मंच से ऐलान किया कि रिलायंस अब टेलीकॉम, रिटेल और एनर्जी से आगे बढ़कर खुद को एक “डीप-टेक एंटरप्राइज” के रूप में स्थापित करेगा।
चार बड़े मिशन पर काम करेगी रिलायंस इंटेलिजेंस
इस नई इकाई की रणनीति चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी–
जामनगर में गीगावॉट क्षमता वाला अत्याधुनिक AI-रेडी डेटा सेंटर का निर्माण
वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों और ओपन-सोर्स समुदाय के साथ गहरी साझेदारी
शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और MSMEs में AI समाधानों का प्रसार
भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वस्तरीय AI टैलेंट को जोड़ना
गूगल के साथ “गहरी साझेदारी”
इस विज़न को हकीकत बनाने के लिए रिलायंस ने गूगल और मेटा जैसी टेक दिग्गजों से हाथ मिलाया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि दोनों कंपनियां मिलकर जेमिनी AI मॉडल्स को रिलायंस के कारोबार में शामिल करेंगी। इसके अलावा, जामनगर में ग्रीन एनर्जी से संचालित क्लाउड रीजन तैयार किया जाएगा। साथ ही AI-सक्षम स्मार्टफोन और एक्सटेंडेड-रियलिटी डिवाइसेज़ का भी संयुक्त विकास होगा। पिचाई ने यह भी स्पष्ट किया कि गूगल क्लाउड अब रिलायंस का सबसे बड़ा पब्लिक क्लाउड पार्टनर बनने जा रहा है।
मेटा के साथ संयुक्त उद्यम
वहीं, मेटा ने रिलायंस के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वेंचर शुरू करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य भारतीय व्यवसायों और सरकारी संगठनों के लिए सुरक्षित और स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार AI प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि भारत का हर नागरिक AI तक आसानी से पहुंच सके और आने वाले समय में सुपरइंटेलिजेंस का भी लाभ उठा सके। यह साझेदारी इस बात का उदाहरण बनेगी कि ओपन-सोर्स AI को राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित ढंग से कैसे स्केल किया जा सकता है।”
पारंपरिक कारोबार से नई दिशा की ओर
रिलायंस का यह कदम उस समय आया है जब कंपनी अपने पुराने ऑयल-टू-केमिकल्स बिज़नेस से आगे बढ़कर डिजिटल सर्विसेज और क्लीन एनर्जी पर फोकस कर रही है। बीते कुछ वर्षों में जियो को भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर बनाने, रिलायंस रिटेल को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने और ग्रीन एनर्जी गीगा-फैक्ट्रीज़ में अरबों का निवेश करने के बाद, अब अंबानी ने AI को अगला बड़ा ग्रोथ इंजन घोषित किया है।
हर भारतीय तक AI पहुंचाने का संकल्प
रिलायंस की 48वीं AGM में मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया, “जियो ने भारत के हर नागरिक तक डिजिटल क्रांति पहुंचाई थी। अब रिलायंस इंटेलिजेंस का मिशन है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी हर भारतीय की जिंदगी तक पहुंचाया जाए।”














