फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा के लिए डटे रहे भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कैप्टन मच्छार को ‘HERO’ बताते हुए कहा कि बेहद गंभीर खतरे और खुद बुरी तरह घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
यह मामला 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 से जुड़ा है, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और उनके ओमानी सह-पायलट के बीच गंभीर घटना हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सह-पायलट ने मच्छार पर हमला किया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के दौरान विमान की स्थिति भी बेहद गंभीर हो गई और उसे बाद में सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़कर सुरक्षित उतारा गया।
घायल होने के बाद भी मच्छार ने नहीं छोड़ी हिम्मत
घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने स्थिति का सामना किया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, घायल होने के बावजूद मच्छार ने हमलावर का विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इससे यात्रियों और चालक दल के कुछ सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। नेतन्याहू ने भी मच्छार को ‘सच्चा हीरो’ बताया था।
इसके बाद विमान में मौजूद कुछ यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट तक पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की। विमान को इजरायल की बजाय सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी आपात लैंडिंग कराई गई।
विमान तेजी से नीचे आया, यात्रियों में मची अफरातफरी
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में भी अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध फ्लाइट-ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार विमान कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट नीचे आया था। इस स्थिति ने विमान में मौजूद यात्रियों के लिए खतरा बढ़ा दिया था।
इसी दौरान कॉकपिट की स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशें हुईं। मच्छार के घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खुलने और यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों के अंदर पहुंचने से हमलावर को काबू करने की स्थिति बनी। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबूक ले जाया गया।
Captain Smit Machchhar is a HERO.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 1, 2026
In the face of the gravest danger and despite being seriously injured, he showed immense courage and an unwavering resolve to protect the lives of others.
His valour helped save hundreds of lives and avert a great tragedy.
India is proud of…
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और फ्लाईदुबई में कैप्टन के तौर पर कार्यरत हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने जून 2022 में फ्लाईदुबई ज्वाइन किया था। इससे पहले वह करीब 11 साल तक स्पाइसजेट के साथ काम कर चुके हैं। उनके पास 9,500 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव बताया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले मच्छार स्पाइसजेट में सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे। फ्लाईदुबई में वह डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में जुड़े थे।
सह-पायलट हिरासत में, घटना की जांच जारी
घटना में शामिल दूसरे पायलट की पहचान ओमानी नागरिक के रूप में बताई गई है। उसे सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। हालांकि घटना के पीछे उसकी मंशा क्या थी, इसकी जांच जारी है। इजरायली अधिकारियों ने इस घटनाक्रम को विमान पर संभावित हमले और उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश के तौर पर देखा है।
ऐसे में घटना से जुड़े अंतिम कारण या हमले के पीछे की मंशा पर जांच पूरी होने से पहले कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा।
तबूक में चल रहा है कैप्टन मच्छार का इलाज
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया। भारतीय दूतावास के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छार का सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। भारतीय मिशन उनकी स्थिति पर नजर रख रहा है और परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी घटनाक्रम में मच्छार की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि गंभीर खतरे के बीच उनके साहस और दृढ़ संकल्प ने लोगों की जान बचाने में मदद की। उन्होंने कैप्टन मच्छार के जल्द स्वस्थ होने और उन्हें नई ताकत मिलने की कामना की।
कैप्टन मच्छार की बहादुरी की तारीफ इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी कर चुके हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी हिम्मत को सलाम करते हुए कहा है कि भारत को उन पर गर्व है।













