शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को लेकर चल रही चर्चा के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर अभी कोई ठोस निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि अगले केंद्रीय बजट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन फिलहाल यह बताना सही नहीं होगा कि सरकार किन प्रस्तावों या मुद्दों पर विचार करेगी। वित्त मंत्री की इस टिप्पणी से LTCG टैक्स में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है, हालांकि उन्होंने कर दरों में बदलाव की कोई घोषणा नहीं की। मंगलवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में बोलते हुए निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारत और विदेशों के निवेशक LTCG टैक्स व्यवस्था पर लगातार अपने विचार रख रहे हैं। उन्होंने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) से जुड़े सवाल का भी उल्लेख किया और कहा कि बाजार के प्रतिभागियों की ओर से अलग-अलग एसेट क्लास के साथ समान व्यवहार किए जाने का मुद्दा उठाया गया है। सरकार इन विषयों पर मिलने वाले सुझावों को सुनेगी।
बजट 2027-28 की तैयारी शुरू, टैक्स पर फैसला अभी बाकी
वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2027-28 के केंद्रीय बजट की तैयारी कर रही है। यह बजट 1 फरवरी, 2027 को पेश किया जाना है। निवेशकों और बाजार से जुड़े पक्षों की नजर इस बात पर है कि आने वाले बजट में पूंजीगत लाभ कर और शेयर बाजार से जुड़े अन्य करों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। हालांकि, निर्मला सीतारमण ने यह संकेत नहीं दिया कि सरकार LTCG टैक्स की दर घटाने या कर छूट की सीमा बढ़ाने जा रही है। उन्होंने केवल इतना कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है और इस स्तर पर यह बताना जल्दबाजी होगी कि सरकार किन मुद्दों पर विचार करेगी। उनके बयान का अर्थ यह है कि इस विषय पर संबंधित पक्षों के विचार सामने आ रहे हैं, लेकिन किसी बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है। वित्त मंत्री ने STT को भी चर्चा का हिस्सा बताया। बाजार से जुड़े प्रतिभागियों ने यह सवाल उठाया है कि क्या सभी एसेट क्लास के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। सरकार इन सुझावों को गंभीरता से सुनेगी। ऐसे में LTCG के साथ STT की व्यवस्था भी आने वाले बजट से पहले चर्चा का अहम विषय बनी हुई है।
अभी LTCG टैक्स की दर कितनी है?
मौजूदा नियमों के तहत, एक साल से अधिक समय तक रखे गए सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है। सालाना 1.25 लाख रुपये तक के पात्र लाभ को इस कर से छूट प्राप्त है।
यह व्यवस्था जुलाई 2024 के केंद्रीय बजट में किए गए बदलावों के बाद लागू हुई थी। उस समय सरकार ने LTCG टैक्स की दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दी थी। साथ ही, कर छूट की सीमा भी 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दी गई थी।
इन बदलावों का असर इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले उन निवेशकों पर पड़ता है, जिनके निवेश से दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ होता है। अब बजट 2027-28 की तैयारी के दौरान इसी व्यवस्था में संभावित बदलाव को लेकर निवेशकों के बीच चर्चा हो रही है। हालांकि, वित्त मंत्री के ताजा बयान में मौजूदा दर बदलने या छूट की सीमा में संशोधन करने का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।
बजट 2026 में LTCG व्यवस्था में नहीं हुआ था बदलाव
इससे पहले बजट 2026 में बाजार के कुछ वर्गों को उम्मीद थी कि पूंजीगत लाभ कर की दर कम की जा सकती है या कर छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है। लेकिन इन अपेक्षाओं के बावजूद सरकार ने LTCG टैक्स की मौजूदा संरचना को बरकरार रखा था।
हालांकि, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) कारोबार पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी की गई थी। इस फैसले के बाद LTCG और STT दोनों शेयर बाजार से जुड़े करों पर चर्चा का हिस्सा बने रहे। अब अगले बजट से पहले निवेशक एक बार फिर इन करों से संबंधित संभावित बदलावों पर नजर रख रहे हैं।
उद्योग संगठन और विदेशी निवेशक भी उठा चुके हैं सवाल
पूंजीगत लाभ कर को लेकर उद्योग संगठनों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने पहले भी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। उनका तर्क रहा है कि भारत की मौजूदा पूंजीगत लाभ कर व्यवस्था घरेलू इक्विटी बाजारों की प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रभावित कर सकती है और निवेश के प्रवाह पर भी असर डाल सकती है। विदेशी निवेशक इस साल लंबे समय तक भारतीय इक्विटी बाजारों में शुद्ध बिकवाल बने रहे हैं। ऐसे माहौल में पूंजीगत लाभ कर की दर और अन्य कर नियमों पर होने वाली चर्चा बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी यह स्थापित नहीं करती कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का एकमात्र कारण LTCG टैक्स है। उद्योग संगठनों और निवेशकों ने इस कर व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं रखी हैं, जबकि सरकार की ओर से इन मुद्दों पर सुझाव सुनने की बात कही गई है।
निर्मला सीतारमण के बयान के बाद शेयर बाजार में तेजी
वित्त मंत्री की टिप्पणी के बाद शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों प्रमुख सूचकांक 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। इस तेजी के बीच LTCG और STT पर वित्त मंत्री के बयान ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया।
हालांकि, बाजार में तेजी को केवल इस बयान का परिणाम मानने का आधार उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। वित्त मंत्री ने LTCG टैक्स में बदलाव की घोषणा नहीं की, बल्कि कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है और सरकार विभिन्न मुद्दों पर मिलने वाले सुझावों को सुनेगी। फिलहाल निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि LTCG टैक्स की मौजूदा दर और छूट सीमा में किसी बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है। बजट 2027-28 से पहले इस विषय पर चर्चा जारी है, लेकिन सरकार का अंतिम फैसला क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।













