नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। नई दरें शनिवार से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इस बदलाव के बाद नायरा एनर्जी के पेट्रोल की कीमत 100.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 91.31 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
कंपनी की ओर से यह बढ़ोतरी ऐसे समय की गई है, जब अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी और उतार-चढ़ाव बना हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी लागत का असर घरेलू ईंधन कारोबार पर भी पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों का असर
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर ईंधन की लागत पर पड़ता है। इसके अलावा रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी भी तेल कंपनियों की लागत को प्रभावित करती है।
नायरा एनर्जी की ताजा कीमत बढ़ोतरी को इसी अंतरराष्ट्रीय लागत दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। कंपनी के लिए बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लागत और घरेलू बिक्री कीमतों के बीच का अंतर कम करना इस बदलाव की एक प्रमुख वजह बताई गई है।
मार्च में भी बढ़ाए गए थे दाम
नायरा एनर्जी ने इससे पहले मार्च 2026 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। उस समय पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था।
हालांकि, इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर कंपनी ने 1 जुलाई को कीमतों में कटौती की थी। जुलाई में पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया गया था। अब एक बार फिर दोनों ईंधनों की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है।
सरकारी तेल कंपनियों से अलग है कीमतों का रुख
नायरा एनर्जी की कीमत बढ़ोतरी के बीच सरकारी तेल विपणन कंपनियों की खुदरा ईंधन कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। इस तरह अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच निजी और सरकारी तेल कंपनियों की खुदरा कीमतों को लेकर अलग-अलग रणनीति दिखाई दे रही है।
राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है अंतिम कीमत
नायरा एनर्जी की ओर से की गई 5 रुपये प्रति लीटर की पेट्रोल और 3 रुपये प्रति लीटर की डीजल बढ़ोतरी का अंतिम असर सभी राज्यों में एक जैसा नहीं होगा। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लागू स्थानीय कर, वैट और अन्य शुल्क हैं।
इसलिए कंपनी की ओर से तय मूल कीमत बढ़ने के बावजूद उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की अंतिम खुदरा कीमत उनके राज्य के स्थानीय कर ढांचे के अनुसार अलग-अलग मिल सकती है।
डीजल महंगा होने से परिवहन लागत पर असर संभव
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव का असर सिर्फ निजी वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहता। डीजल की कीमत बढ़ने से परिवहन और माल ढुलाई से जुड़ी लागत बढ़ सकती है। इसका असर लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर पड़ने के साथ कुछ वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
इस तरह नायरा एनर्जी की ताजा बढ़ोतरी सीधे तौर पर कंपनी के ईंधन ग्राहकों को प्रभावित करेगी, जबकि डीजल की बढ़ी लागत का असर परिवहन और माल ढुलाई से जुड़े कारोबार पर भी पड़ सकता है।













