
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती महज व्यक्तिगत नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी गहरी है। खरगे ने कहा कि यह "स्थायी दोस्ती" देश के लिए नुकसानदेह साबित हुई है। उन्होंने पीएम मोदी पर देश का माहौल बिगाड़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश देने का आरोप भी लगाया।
मोदी-ट्रंप की दोस्ती पर उठाए सवाल
कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खरगे ने कहा कि मोदी और ट्रंप एक-दूसरे के लिए “सही साथी” हो सकते हैं, क्योंकि दोनों एक-दूसरे के लिए प्रचार करते हैं और वोट जुटाते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस दोस्ती का खामियाजा भारत को उठाना पड़ा है। उन्होंने ट्रंप के द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भारतीय कारोबारी और आम जनता बुरी तरह प्रभावित हुई।
विदेश नीति को लेकर सलाह
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में खरगे ने कहा कि किसी भी नेता को पहले राष्ट्रहित और उसके बाद व्यक्तिगत रिश्तों को तरजीह देनी चाहिए। उन्होंने मोदी को याद दिलाया कि भारत की विदेश नीति हमेशा से ‘तटस्थता’ और ‘संतुलन’ पर आधारित रही है। उनका कहना था कि इस परंपरा से भटकना देश के लिए खतरनाक हो सकता है।
जीएसटी संशोधन पर भी की टिप्पणी
खरगे ने जीएसटी दरों में बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों को फायदा पहुंचाने वाले कदमों का समर्थन करती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कई साल पहले दो स्लैब की व्यवस्था का सुझाव दिया था, लेकिन सरकार ने उल्टा चार से पांच स्लैब लागू किए जिससे जनता पर बोझ बढ़ा। उनके अनुसार, अब चुनावी दबाव के कारण सरकार को सुधार करने पड़ रहे हैं।
चीन नीति पर भी साधा निशाना
पीएम मोदी की चीन यात्रा को लेकर भी खरगे ने हमला बोला। उन्होंने मोदी के उस बयान की याद दिलाई जिसमें कहा गया था कि "किसी ने भी भारतीय सीमा का उल्लंघन नहीं किया।" खरगे ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब तो खुद मोदी चीन की जमीन पर जाकर खड़े हैं। उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर विपक्ष और सत्ता पक्ष में कोई मतभेद नहीं है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि सरकार अपनी मनमर्जी करती रहे।














