
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। विपक्षी दल इस मामले पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने गृहमंत्री अमित शाह से सीधा सवाल करते हुए तंज कसा—“कम से कम यह तो बता दीजिए कि धनखड़ साहब अस्पताल में हैं, योग कर रहे हैं या फिर टेबल टेनिस का आनंद ले रहे हैं।”
सिब्बल ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट को शीर्षक दिया “लापता धनखड़” और लिखा— “अमित शाह जी, मुझे मालूम है कि आप असत्य से दूरी बनाए रखते हैं। देश को यह जानने का अधिकार है कि धनखड़ जी की स्थिति क्या है—वे उपचाराधीन हैं, योग कर रहे हैं या टेबल टेनिस खेल रहे हैं?”
शाह का बचाव – “इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से”
अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि धनखड़ ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद छोड़ा है। उनका कहना था कि इस फैसले में कोई रहस्य नहीं है और अनावश्यक खोजबीन की जरूरत नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि उपराष्ट्रपति रहते हुए धनखड़ ने संवैधानिक पद की गरिमा बनाए रखी और उल्लेखनीय कार्य किए।
धनखड़ की दिनचर्या – योग और खेल से जुड़ी खबरें
इस्तीफे के बाद से कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिनमें दावा किया गया है कि धनखड़ इस समय परिवार के साथ हैं, योगाभ्यास कर रहे हैं और टेबल टेनिस खेल रहे हैं। जब वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे, तभी उन्होंने शौकिया तौर पर टेबल टेनिस खेलना शुरू किया था, जो अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
धनखड़ से जुड़े करीबी लोगों ने बताया कि उपराष्ट्रपति रहते हुए भी वे रोजाना योग करते थे और अपने निवास पर स्टाफ व शुभचिंतकों के साथ टेबल टेनिस खेलते थे। इतना ही नहीं, विदेश यात्राओं से लौटने के तुरंत बाद भी वे खेल के लिए समय निकालते थे।
इस्तीफे ने सबको चौंकाया
21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनका कार्यकाल सामान्य परिस्थितियों में 10 अगस्त 2027 तक जारी रहने वाला था, लेकिन बीच में ही पद छोड़ने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
अब नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तारीख 9 सितंबर तय की गई है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है।
सियासी घमासान जारी
धनखड़ की मौजूदा स्थिति को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाज़ी लगातार बढ़ रही है। कांग्रेस और अन्य दल सवाल कर रहे हैं कि पूर्व उपराष्ट्रपति आखिर किस हाल में हैं, जबकि भाजपा यह कह रही है कि विपक्ष केवल अनावश्यक भ्रम फैलाने में जुटा है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या धनखड़ खुद सामने आकर इन अटकलों पर विराम लगाते हैं या फिर यह बहस केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाती है।














